
मुंबई। महाराष्ट्र अब वियतनामी उद्योगों के लिए एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है, जिससे दोनों के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत हो रही है। राज्य के विपणन एवं राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि आने वाले समय में निवेश, व्यापार और द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ावा दिया जाएगा। सोमवार को मंत्रालय में वियतनाम के महावाणिज्यदूत ले क्वांग बिएन ने मंत्री रावल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मंत्री रावल ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में राज्य सरकार निवेश और व्यापार सहयोग को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग दोनों क्षेत्रों के बीच विश्वास और साझा आर्थिक दृष्टिकोण का प्रतीक है। बैठक में वियतनाम के प्रमुख औद्योगिक समूह विंग ग्रुप, मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण और उद्योग विभाग के बीच हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत किया गया। करीब 54 हजार करोड़ रुपये के निवेश से राज्य में विश्वस्तरीय एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिसमें टाउनशिप, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के साथ इलेक्ट्रिक बस, टैक्सी और हरित ऊर्जा परियोजनाएं शामिल होंगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होने की उम्मीद जताई गई है। मंत्री रावल ने बताया कि वियतनाम के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के आगामी मुंबई दौरे की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस दौरान ‘वियतनाम-महाराष्ट्र बिजनेस फोरम’ की स्थापना का निर्णय लिया गया है, जो दोनों पक्षों के उद्योगों के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही मुंबई और हो ची मिन्ह सिटी के बीच ‘ट्विनिंग सिटी’ समझौता अंतिम चरण में है, जिस पर राष्ट्राध्यक्षों की प्रस्तावित यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। इससे शहरी बुनियादी ढांचे, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यापारिक संबंधों को नई गति मिलेगी। बैठक में कृषि और वस्त्र उद्योग क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। महाराष्ट्र ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और कृषि उत्पादों के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए वियतनाम के साथ साझेदारी की इच्छा जताई। वहीं, वस्त्र क्षेत्र में बी-टू-बी सहयोग के माध्यम से वैश्विक निर्यात क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया गया।




