
मुंबई। स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा गुरुवार को ‘ठाणे की रिक्शा’ गीत को लेकर हुए विवाद के सिलसिले में विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए। इस गीत में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधे जाने को लेकर मामला उठाया गया है। सुनवाई समिति के अध्यक्ष प्रसाद लाड की अगुवाई में हुई, जिसमें भाजपा एमएलसी प्रवीण दरेकर भी मौजूद रहे। दरेकर ने ही विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव उठाया था, जिसके चलते सुनवाई के दौरान कामरा के साथ सीधा संवाद हुआ।
“यह व्यंग्य है, पेशे का हिस्सा”
सुनवाई के दौरान कामरा ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। उनका कहना था कि संबंधित गीत उनके पेशे का हिस्सा है और यह व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति के दायरे में आता है। कार्यवाही मराठी में होने के कारण कामरा के साथ एक अनुवादक मौजूद था, जिससे वे सभी बिंदुओं को समझ सकें। उन्होंने सवालों के जवाब तभी दिए जब उन्हें पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया।
माफी पर कानूनी सलाह का इंतजार
समिति की ओर से कामरा से बिना शर्त माफी मांगने को कहा गया, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे अपने कानूनी सलाहकार से परामर्श के बाद ही इस पर निर्णय लेंगे।
समिति ने मांगे अतिरिक्त दस्तावेज
सुनवाई के बाद प्रसाद लाड ने बताया कि अंतिम निर्णय लेने से पहले समिति ने कामरा से कुछ अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं। उन्होंने कहा कि समिति अब इन दस्तावेजों की समीक्षा करेगी, ताकि यह तय किया जा सके कि यह मामला विशेषाधिकार हनन का है या पेशेवर व्यंग्य के दायरे में आता है। लाड ने यह भी बताया कि अब तक समिति छह मामलों में निर्णय दे चुकी है, जिनमें एक मामले में सजा भी सुनाई गई है। उन्होंने कामरा के व्यवहार को लेकर कहा कि सुनवाई के दौरान वे विनम्र रहे और कार्यवाही को समझने के लिए अनुवादक की मदद लेते रहे।
सुषमा अंधारे की सुनवाई स्थगित
इस बीच, सुषमा अंधारे के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन मामले की सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई है। बताया गया है कि उन्होंने बीमारी के कारण समिति को सूचित किया है, जिसके चलते अगली तारीख बाद में तय की जाएगी।




