
मुंबई। धुळे जिले के शिंदखेड़ा तालुका के विखरन क्षेत्र में प्रस्तावित 250 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को तेजी देने के लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। डॉ. उदय सामंत ने निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन में से बचा हुआ क्षेत्र महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को शीघ्र गति दी जाए। गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जयकुमार रावल, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. वेलारासु, सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी वर्षा घुगे, उद्योग विभाग के सह सचिव श्रीकांत पुलकुंडवार, महाजनको (महाराष्ट्र राज्य विद्युत निर्माण कंपनी) के अधिकारी तथा संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में लगभग 1350 एकड़ कुल भूमि में से करीब 400 से 500 एकड़ जमीन एमआईडीसी को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर महाजनको अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान परियोजना से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्यवाही को तेज करने के निर्देश दिए गए। महाराष्ट्र राज्य विद्युत निर्माण कंपनी द्वारा मौजे मेथी और विखरन (ता. शिंदखेड़ा, जि. धुळे) में 250 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्रकल्प के लिए कुल 540.05 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है। इसमें 476.06 हेक्टेयर भूमि निजी समझौते के माध्यम से, 28.66 हेक्टेयर भूमि भू-अधिग्रहण कानून के तहत तथा 34.91 हेक्टेयर शासकीय भूमि शामिल है। इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने लगभग 900 एकड़ भूमि सौर परियोजना के लिए उपयोग में लाते हुए शेष करीब 400 एकड़ भूमि एमआईडीसी को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए थे। उसी के अनुरूप अब अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जल्द ही उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। उद्योग मंत्री डॉ. सामंत ने बताया कि इस बैठक में सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिससे परियोजना को गति मिलने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।




