
मुंबई (इंद्र यादव)। महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मचाने वाले ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात मामले में हर दिन नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। अब तक इस मामले की आंच एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर तक सीमित थी, जिन्हें अपनी नजदीकियों के कारण दो महत्वपूर्ण पद गंवाने पड़े। लेकिन अब विशेष जांच दल (SIT) की जांच में जो नाम सामने आया है, उसने इस पूरे केस की दिशा ही बदल दी है।जांच में अब रूपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा चाकणकर का नाम सीधे तौर पर अशोक खरात के साथ जुड़ा पाया गया है।
क्या है नया खुलासा
SIT की गहन पूछताछ और बैंक रिकॉर्ड्स की छानबीन में यह बात सामने आई है कि प्रतिभा चाकणकर केवल बाबा की शिष्या नहीं थीं, बल्कि उन्हें अशोक खरात का बिजनेस पार्टनर बताया जा रहा है।50 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन: जांच में पता चला है कि खरात ने अलग-अलग लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का वित्तीय हेरफेर किया।बहन का अकाउंट बना जरिया: चौंकाने वाली बात यह है कि इन संदिग्ध खातों में से एक खाता प्रतिभा चाकणकर के नाम पर भी है, जिसका इस्तेमाल भारी-भरकम रकम के लेनदेन के लिए किया गया था।सत्ता और ‘भक्ति’ का खतरनाक गठजोड़अशोक खरात के श्री शिवनिका संस्थान (मिरंगाव) के तार अब पूरी तरह से राजनीतिक रसूख से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
पद गंवा चुकी हैं रूपाली: बाबा से नजदीकी और संस्थान की सक्रिय सदस्य होने के आरोपों के चलते रूपाली चाकणकर को पहले ही भारी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी है। अब बहन प्रतिभा का नाम ‘पार्टनर’ के तौर पर सामने आने से यह साफ हो गया है कि यह मामला केवल अंधविश्वास तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा आर्थिक साम्राज्य खड़ा किया गया था। SIT अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि आखिर यह 50 करोड़ रुपये कहां से आए और किन कामों में इस्तेमाल किए गए। क्या यह पैसा भोली-भाली जनता को ठगकर इकट्ठा किया गया था? और इस पूरे सिंडिकेट में और कितने रसूखदार लोग शामिल हैं! इस खुलासे के बाद महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल आना तय है। विपक्ष अब सरकार और संबंधित नेताओं पर हमलावर है, वहीं SIT की कार्रवाई ने बाबा के ‘साम्राज्य’ की जड़ों को हिलाकर रख दिया है। अब सवाल यह है कि क्या प्रतिभा चाकणकर की गिरफ्तारी होगी! और इस 50 करोड़ के ‘काले धन’ का असली मास्टरमाइंड कौन है!




