
कटनी (इंद्र यादव), मध्य प्रदेश। मानवता को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक निर्दयी मां ने अपने नवजात शिशु को मौत के मुंह में छोड़ने की कोशिश की। हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 18478) के कोच S-4 के टॉयलेट में एक लावारिस नवजात मिलने से यात्रियों और रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।जानकारी के अनुसार, यात्रियों ने टॉयलेट के फर्श पर एक नवजात को पड़े हुए देखा, जो बिना कपड़ों के केवल एक पतले गमछे में लिपटा हुआ था। मासूम की हालत देखकर यात्रियों ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सूचना दी। ट्रेन जैसे ही कटनी मुड़वारा स्टेशन पहुंची, RPF और GRP की टीम मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।पुलिस की तत्परता के चलते बच्चे की जान बच गई। अधिकारियों के अनुसार, बच्चा जीवित था और लगातार रो रहा था। उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (SNCU) में भर्ती कर लिया। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे आवश्यक उपचार व पोषण दिया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है।इस अमानवीय कृत्य के पीछे जिम्मेदार व्यक्ति की तलाश के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। ट्रेन और स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, कोच S-4 में यात्रा कर रहे यात्रियों की सूची की जांच की जा रही है और संदिग्ध महिला या परिवार की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में हाल ही में हुए प्रसव के रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं।प्रशासन का कहना है कि यह बेहद गंभीर अपराध है। पहले बच्चे की जान बचाना प्राथमिकता थी, जिसमें सफलता मिली है। अब दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह घटना समाज की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करती है—एक ओर लोग संतान के लिए तरसते हैं, वहीं दूसरी ओर मासूमों को इस तरह लावारिस छोड़ देना इंसानियत को शर्मसार करता है।




