
भंडारा। भंडारा में ओबीसी समुदाय की एकजुटता का भव्य प्रदर्शन उस समय देखने को मिला, जब सकल ओबीसी महामोर्चा के नेतृत्व में रविवार को दशहरा मैदान से एक विशाल ओबीसी मेगा मार्च निकाला गया। इस दौरान “जय ओबीसी, जय संविधान” और “ओबीसी एकता अमर रहे” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा। आंदोलन के माध्यम से समुदाय को जागरूक करने और एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई मजबूत करने का आह्वान किया गया। इस मेगा मार्च में दूर-दराज के गांवों और विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। महिलाओं, बुज़ुर्गों और युवाओं ने चिलचिलाती धूप में तख्तियां थामे और एकजुटता के प्रतीक के रूप में पीले स्कार्फ पहनकर मार्च में भाग लिया। रैली सुबह 11 बजे दशहरा मैदान से शुरू होकर गांधी चौक, पोस्ट ऑफिस चौक से होते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय के पास त्रिमूर्ति चौक पर समाप्त हुई, जहां यह एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई। सभा में ओबीसी संगठनों के नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों की कड़ी आलोचना की। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में ओबीसी जनगणना कराना, यूजीसी समानता विधेयक लागू करना और ओबीसी के लिए अलग मंत्रालय की स्थापना शामिल रही। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ओबीसी समुदाय के साथ भेदभाव कर रही है और उनकी जनसंख्या 52 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त संसाधन और प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा। सभा में यह भी कहा गया कि जहां सरकार पशुओं का सर्वेक्षण कराती है, वहीं ओबीसी जनगणना को नजरअंदाज किया जा रहा है, जो एक पक्षपातपूर्ण सोच को दर्शाता है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि ओबीसी जनगणना को राष्ट्रीय जनगणना में शामिल नहीं किया गया, तो उसका बहिष्कार किया जाएगा और लोग जनगणना अधिकारियों को जानकारी देने से भी इंकार कर सकते हैं। मंच से समुदाय से यह अपील भी की गई कि चुनावों में केवल उन्हीं उम्मीदवारों का समर्थन किया जाए जो वास्तव में ओबीसी हितों के पक्षधर हों। सभा के अंत में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि जब तक ओबीसी जनगणना की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और जल्द ही विरोध का अगला चरण शुरू किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य समन्वयक सदानंद इल्मे, प्रभाकर वैरागडे, भागीरथ धोटे, डॉ. बालकृष्ण सर्वे, संजय माटे, रमेश शहारे, रोशन उरकुडे, उमेश कोर्रम, गोपाल सेलोकर, जयंत झोड़े, मंगला वाडीभस्मे, ललिता देशमुख, रोशन जांभुलकर, उमेश सिंगनजुडे, धनंजय बिरनवार, संजय अजेबल और सुरेश खंगार सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि आयोजकों ने किसी भी राजनीतिक दल के नेता को मंच पर स्थान नहीं दिया। हालांकि, विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, नाना पटोले, अभिजीत वंजारी, पूर्व विधायक चरण वाघमारे और अध्यक्ष नरेश ईश्वरकर प्रतिभागियों के रूप में रैली में शामिल हुए और आम नागरिकों के बीच बैठकर समर्थन जताया।




