
मुंबई। लोककेंद्रित और अधिक प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने चिल्ड्रेन्स इंवेस्टमेंट फंड फाउंडेशन (सीआईएफएफ), यूनाइटेड किंगडम के साथ सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन संचार (एसबीसीसी) को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को एक समझौता (एमओयू) किया है। इस पहल के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विशेष पहल की।
इस समझौते पर सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. निपुण विनायक, उपसचिव चंद्रकांत विभुते, सीआईएफएफ की ओर से डॉ. हेमांग शाह और डॉ. अस्मिता जैन, तथा आईपीआई की ओर से राघवेश राजन और अविधा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस साझेदारी के तहत सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रमों को अधिक नवाचारी, शोध-आधारित और प्रमाण-आधारित तरीके से लागू किया जाएगा। इसमें सामुदायिक भागीदारी और प्रभावी संचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना और राज्य के राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पहुंच व प्रभावशीलता बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि यह पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, निवारक स्वास्थ्य सेवाएं और रोग नियंत्रण जैसे प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करेगी। विशेष रूप से वंचित और दूरदराज के समुदायों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाने में मदद मिलेगी। इस समझौते के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक, संचार माध्यमों और सामुदायिक सहभागिता का उपयोग किया जाएगा। कुपोषण, स्वच्छता, टीकाकरण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह समझौता स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इसके जरिए राज्य में दीर्घकालिक सामाजिक और व्यवहारिक परिवर्तन लाने तथा जनस्वास्थ्य में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई गई है।



