
मुंबई। मीरा-भाईंदर क्षेत्र में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों में ठेकेदार को अधिक किराया दिए जाने की आशंका और कार्यों में देरी को लेकर मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यह जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में होगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने विधानसभा में दी। गुरुवार को इस विषय को लेकर विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रश्न उठाया था। उन्होंने मीरा-भाईंदर क्षेत्र में एमएमआरडीए परियोजनाओं के लिए ली गई जमीन के किराये में अनिश्चितता, फ्लाईओवर निर्माण में कथित अनियमितताओं और लंबित कार्यों के बारे में सवाल किया।
राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने बताया कि एमएमआरडीए परियोजनाओं के लिए ली गई जमीन के संबंध में ठेकेदार को अपेक्षा से अधिक किराया दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह किराया दैनिक आधार पर लिया जाना था या मासिक आधार पर, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि फ्लाईओवर परियोजना में लागत वृद्धि लगभग 10.30 प्रतिशत ही होने के कारण नई निविदा जारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। हालांकि Dahisar टोल नाका हटाने, एमएमआरडीए की अनुमति प्रक्रिया तथा बिजली लाइनों के स्थानांतरण जैसे तकनीकी कारणों से कार्य में देरी हुई, जिसके कारण लागत में भी वृद्धि हुई। माधुरी मिसाल ने कहा कि कल्याण और मुंबई क्षेत्र की परियोजनाओं से संबंधित प्राप्त शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशानुसार पूरे मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराई जाएगी। यह जांच समयबद्ध होगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी और पूरी कार्रवाई की जाएगी।




