
मुंबई। एक्टर और फिल्ममेकर कमाल राशिद खान उर्फ केआरके (केआरके) को ओशिवारा फायरिंग मामले में बांद्रा कोर्ट ने शनिवार को 27 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान उस समय खासा ध्यान गया, जब मुंबई पुलिस द्वारा केआरके को कोर्ट परिसर से बाहर ले जाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में केआरके का चेहरा काले कपड़े से पूरी तरह ढका हुआ है और दो पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर बाहर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान कोर्ट के बाहर मीडिया और लोगों की भीड़ मौजूद थी। यह मामला 18 जनवरी को अंधेरी के ओशिवारा इलाके की नालंदा सोसाइटी में हुई फायरिंग से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस को रिहायशी इमारत से दो गोलियां मिली थीं—एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से। पुलिस के मुताबिक, एक फ्लैट एक राइटर-डायरेक्टर का है, जबकि दूसरे फ्लैट में एक मॉडल रहती है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। शुरुआती जांच में पुलिस को फायरिंग के स्रोत का पता लगाने में कठिनाई हुई, क्योंकि आसपास के सीसीटीवी फुटेज से कोई ठोस सुराग नहीं मिला। बाद में फोरेंसिक जांच में संकेत मिले कि गोलियां केआरके के पास स्थित एक बंगले से चलाई गई हो सकती हैं। इसके बाद ओशिवारा पुलिस स्टेशन और क्राइम ब्रांच की टीमों ने केआरके से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, केआरके ने पूछताछ के दौरान गोलियां चलाने की बात कबूल कर ली है। उन्होंने दावा किया कि यह फायरिंग जानबूझकर नहीं की गई थी, बल्कि अपने लाइसेंसी हथियार की सफाई के दौरान गलती से गोलियां चल गईं। केआरके ने यह भी कहा कि उन्होंने हथियार को जांचने के लिए फायर किया था और उन्हें लगा था कि गोलियां पास के मैंग्रोव इलाके में गिरेंगी, लेकिन तेज हवा के कारण वे आगे जाकर रिहायशी इमारत से टकरा गईं। फिलहाल पुलिस कोर्ट द्वारा दी गई हिरासत में केआरके से आगे की पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।



