
मुंबई। चंद्रपुर जिले में शराब लाइसेंस देने में हुई कथित अनियमितताओं, कदाचार और रिश्वतखोरी की गंभीर शिकायतों के संबंध में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया है। इस मामले की जांच राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के डीआईजी रैंक के अधिकारी संदीप दीवान के नेतृत्व में की जा रही है। एसआईटी का गठन चंद्रपुर में आबकारी विभाग द्वारा जारी किए गए शराब लाइसेंसों में अनियमितता की विस्तृत जांच के लिए किया गया है। इस जांच में राज्य उत्पाद शुल्क अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजों की समीक्षा, संबंधित अधिकारियों और हितधारकों के बयान दर्ज करना और समस्त प्रक्रियाओं की गहन पड़ताल शामिल है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, जांच का दायरा व्यापक है और इसमें तकनीकी, वित्तीय व प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बारीकी से दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसी के चलते एसआईटी ने रिपोर्ट दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। यह मामला राज्य प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है, और यदि जांच में दोष सिद्ध होते हैं, तो यह राज्य में उत्पाद शुल्क प्रशासन के लिए एक बड़ी कार्रवाई का कारण बन सकता है।




