
मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) को तुर्की की ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी सेलेबी की जगह किसी नई एजेंसी को नियुक्त करने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरसन ने यह आदेश सेलेबी नैस एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद पारित किया। अदालत ने कहा कि जून में अदालत के नियमित सत्र के दौरान इस याचिका पर सुनवाई होने तक 17 मई को जारी की गई नई टेंडर प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सकेगा।
तुर्की की एयरपोर्ट ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी Celebi Aviation की भारतीय सहायक कंपनी सेलेबी नैस एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्रा. लि. मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ग्राउंड हैंडलिंग और ब्रिज माउंटेड उपकरण सेवाएं प्रदान कर रही थी। हालांकि, हाल ही में नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने सुरक्षा कारणों से सेलेबी की मंजूरी रद्द कर दी थी, जिसके बाद MIAL ने एकतरफा तौर पर सेलेबी के साथ रियायत समझौते को समाप्त कर दिया। सेलेबी ने हाईकोर्ट का रुख कर BCAS के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी को कोई कारण नहीं बताया गया और बिना उचित प्रक्रिया के उसकी सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी गई। इसके चलते उसे अन्यायपूर्ण तरीके से बाहर कर दिया गया।
याचिका में क्या मांग की गई?
सेलेबी की याचिका में निम्नलिखित प्रमुख मांगें की गई हैं-
BCAS द्वारा रद्द की गई सुरक्षा मंजूरी को निलंबित और रद्द किया जाए। MIAL द्वारा अनुबंध की समाप्ति को अवैध ठहराया जाए। 17 मई को जारी की गई नई ग्राउंड और ब्रिज हैंडलिंग टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। भारत सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, DGCA, AAI और मुंबई स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को पक्षकार बनाया गया है।
पृष्ठभूमि में भारत-तुर्की संबंध
इस घटनाक्रम की अंतरराष्ट्रीय पृष्ठभूमि भी अहम है। हाल के महीनों में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान तुर्की द्वारा पाकिस्तान के समर्थन की खबरों के बाद भारत सरकार ने तुर्की से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसके चलते भारत के कई हवाई अड्डों पर सेलेबी से जुड़े अनुबंध समाप्त किए गए हैं। सेलेबी की दो अन्य कंपनियों – सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया और सेलेबी दिल्ली कार्गो टर्मिनल मैनेजमेंट इंडिया – ने इसी प्रकार के अनुबंध रद्द होने पर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं, जो अभी लंबित हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेलेबी की याचिका पर पूरी सुनवाई तक 17 मई को जारी निविदाओं पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा। यह आदेश सेलेबी के लिए अस्थायी राहत मानी जा रही है।अब जून में न्यायालय के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद इस मामले की नियमित सुनवाई होगी, जिसमें सेलेबी की याचिका की वैधता और MIAL तथा BCAS की कार्रवाई की संवैधानिकता पर विस्तार से बहस होगी।यह मामला भारत में एविएशन सेक्टर की पारदर्शिता, विदेशी निवेश और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन का एक अहम उदाहरण बन सकता है।




