
नागरिकों की मदद हेतु प्रशासन ‘अलर्ट मोड’ पर
मुंबई। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सोमवार को मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेषकर पुणे, सोलापुर, सातारा, रायगढ़, मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य में बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखते हुए पूरे प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन इकाइयों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने और प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का त्वरित पंचनामा करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री राज्य के मुख्य सचिव और आपदा नियंत्रण कक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं। सरकार को मिली जानकारी के अनुसार, पुणे जिले के दौंड में 117 मिमी, बारामती में 104.75 मिमी और इंदापुर में 63.25 मिमी बारिश हुई है। बारामती में 25 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है और 7 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं लगभग 70 से 80 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। फलटण में 163.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जहां एनडीआरएफ की एक टीम तैनात की गई है। दुधेबावी गांव के पास 30 नागरिकों को सुरक्षित निकालकर उनके लिए भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है। सोलापुर जिले में 67.75 मिमी बारिश हुई है, और माळशिरस तालुका में 6 नागरिकों को बाढ़ से बाहर निकाला गया है। पंढरपुर में भीमा नदी के किनारे 3 लोग फंसे हुए हैं, जिनके लिए बचाव कार्य जारी है। रायगढ़ में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है और महाड से रायगढ़ किले तक का रास्ता भारी बारिश के कारण बंद कर दिया गया है। मुंबई में बीते 24 घंटों में 135.4 मिमी वर्षा हुई, जिससे शहर के 6 स्थानों पर जलभराव, 18 स्थानों पर शॉर्ट सर्किट और 5 इमारतों की दीवार गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका, अग्निशमन दल, मुंबई पुलिस और अन्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और एनडीआरएफ की 5 टीमें मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में तैनात की गई हैं। भारतीय मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों में गरज के साथ भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों- जैसे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, राजस्व, गृह विभाग को नियंत्रण कक्षों के ज़रिए 24 घंटे तैयार रहने और नागरिकों को हरसंभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जलसंपदा विभाग और अन्य तकनीकी इकाइयों से निरंतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, तब तक घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनहानि रोकना उसकी पहली प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम युद्ध स्तर पर उठाए जा रहे हैं।




