
वी बी माणिक
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत के 103 स्टेशनों के नवनिर्माण स्टेशनों का लोकार्पण किया। उक्त अवसर पर अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि “हमारे शरीर में अब गरम खून की जगह गरम सिंदूर दौड़ रहा है।” यह शब्द उन्होंने पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान पर किए गए हमले पर बोलते हुए कहा और सेना के शौर्य की सराहना की। पर जिस प्रकार से स्टेशनों का सौंदर्यीकरण किया गया है, वह टिकाऊ कितना दिन तक रहेगा और स्टेशनों की स्वच्छता की गारंटी कब तक रहेगी—इस पर उन्होंने एक शब्द नहीं कहा। रेल विभाग में यात्रियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर अंकुश कब लगेगा, यह भी स्पष्ट नहीं किया। प्रश्न यह है कि रेलकर्मी स्टेशनों पर गुटका, पान, तंबाकू जैसे उत्पादों का सेवन ड्यूटी के दौरान करते हैं— पर ड्यूटी पर न तो समय से आते है और समय से पूर्व ड्यूटी छोड़कर भाग जाते है इस पर कब सुधार होगा? मुंबई, दिल्ली, कोलकाता से उत्तर प्रदेश व बिहार के लिए जाने वाली गाड़ियों में टीसी, आरपीएफ, जीआरपी जो लूटपाट करते हैं, उन पर कब कड़ी कार्रवाई होगी? गरीब यात्रियों को आसानी से टिकट कब मिलेगा—इस पर मोदी क्यों खामोश हैं? विकसित भारत के लिए 26,000 करोड़ रूपए की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जो पिछले सरकार के बजट से 6 गुना ज्यादा है। इसके अलावा वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, नमो भारत एक्सप्रेस का संचालन तेज़ी से आगे बढ़ाया गया है। 1300 स्टेशनों को आधुनिक बनाने की तैयारी है, जिनमें से 22 मई को 103 स्टेशनों का उद्घाटन हो गया। वहीं, एनडीए में शामिल दलों के नेता कार्यक्रम के दौरान दूरी बनाए रखे और कई बड़े नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में महानगर पालिकाओं के चुनाव हैं—ऐसा लगता है कि सभी दल चुनावी तैयारी में व्यस्त हैं।




