
गड़चिरोली। महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने गड़चिरोली जिले में केंद्र और राज्य सरकार पर खनिज संपदा की लूट का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ‘स्टील हब’ के नाम पर स्थानीय जनता को झूठे सपने दिखाकर भाजपा और सत्ता में शामिल अन्य सहयोगी दल गुपचुप तरीके से लौह अयस्क का दोहन करने की साजिश रच रहे हैं। वडेट्टीवार शनिवार को गड़चिरोली में आयोजित एक पत्रकार परिषद को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कांग्रेस सांसद नामदेव किरसान, विधायक रामदास मसराम, जिलाध्यक्ष महेंद्र ब्राम्हणवाडे समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
‘नियमों की अनदेखी कर जिंदल को फायदा’: वडेट्टीवार
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि खदानों की नीलामी बिना पारदर्शिता के की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जानबूझकर ‘जिंदल समूह’ जैसी कंपनियों को 650 रुपये प्रति टन की पुरानी दरों पर लौह अयस्क देने की योजना बनाई है, जबकि बाजार दर के अनुसार यह मूल्य 2300 रुपये प्रति टन तक होना चाहिए। इससे सरकार को करोड़ों रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इस साजिश के तहत सत्ताधारी गठबंधन में शामिल तीनों पार्टियों को हर महीने 500-500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई होगी।
कोनसरी में जबरन अधिग्रहण और किसानों के अधिकारों का हनन
कोनसरी क्षेत्र में लौह अयस्क आधारित परियोजना की ओर इशारा करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि वहां बड़े पैमाने पर किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जा रही है, लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा दिया जा रहा है और न ही रोजगार की गारंटी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कंपनियां प्रति हेक्टेयर एक करोड़ रुपये का मुआवजा और प्रत्येक एकड़ पर एक व्यक्ति को नौकरी देने की शर्त नहीं मानतीं, तब तक कांग्रेस गांव-गांव जाकर इसका विरोध अभियान चलाएगी।
JSW के निवेश पर भी उठे सवाल
गौरतलब है कि ‘जेएसडब्ल्यू स्टील’ ने हाल ही में गड़चिरोली में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। वडेट्टीवार ने इस पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि कंपनी को जिन खनन पट्टों की अनुमति दी गई थी, वे अब समाप्त हो चुके हैं, और उन्हें बिना नीलामी के पुनः देने की प्रक्रिया अवैध है। उन्होंने इस प्रक्रिया को “राजनीतिक-औद्योगिक रैकेट” करार दिया।
‘माइनिंग कॉर्पोरेशन’ के गठन पर भी आपत्ति
वडेट्टीवार ने दावा किया कि इस पूरी योजना के पीछे गड़चिरोली के खनिज संसाधनों का व्यवस्थित दोहन करने और स्थानीय जनता को प्रदूषण और विस्थापन की ओर धकेलने का षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘महाराष्ट्र माइनिंग कॉर्पोरेशन’ की स्थापना की है, जो आगे चलकर खदानों को निजी हाथों में सौंपने का माध्यम बनेगा। वडेट्टीवार ने अंत में चेतावनी दी कि यदि यह “खनिज लूट की साजिश” बंद नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी संपूर्ण विदर्भ और गड़चिरोली जिले में आंदोलन छेड़ेगी और स्थानीय जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर मंच पर आवाज उठाएगी।



