
नागपुर। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ऐतिहासिक सफलता का जश्न रविवार को खापरखेड़ा (नागपुर) में निकाली गई तिरंगा यात्रा के माध्यम से मनाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह से सफल बनाते हुए पाकिस्तान का एक भी हमला सफल नहीं होने दिया। इस युद्ध में देश में निर्मित स्वदेशी हथियारों का प्रयोग कर भारत ने जीत हासिल की, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न की सशक्त अभिव्यक्ति है।मुख्यमंत्री ने कहा, “यह हम सभी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि भारत अब आत्मनिर्भर है और किसी भी प्रकार के हमले का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।”
राष्ट्रप्रेम और कृतज्ञता का संदेश
इस तिरंगा यात्रा में महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, विधायक आशीष देशमुख और चरणसिंह ठाकुर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य नागरिकों के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करना और वीर जवानों के शौर्य को नमन करना है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से कड़ा जवाब दिया गया, जिससे शत्रु देश को अंततः युद्धबंदी की मांग करनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा, “अब भारत पर कोई भी हमला सहन नहीं किया जाएगा, और उसका तत्काल तथा निर्णायक उत्तर दिया जाएगा।” उन्होंने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे तिरंगा यात्रा के माध्यम से सेना के शौर्य और बलिदान के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें।
शहीदों को श्रद्धांजलि और राष्ट्रीय एकता का संदेश
मुख्यमंत्री फडणवीस ने युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूरा देश उनके परिजनों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने आतंकियों के ठिकानों पर आक्रामक कार्रवाई की, जिससे पाकिस्तान को पीछे हटना पड़ा। इसे भारत की “ऐतिहासिक विजय” बताते हुए उन्होंने शहीदों के बलिदान को नमन किया। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने कहा, “यह यात्रा सर्वधर्म समभाव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। इसमें भाग लेकर नागरिकों ने सैनिकों के शौर्य के प्रति सम्मान और गर्व को प्रकट किया है। खापरखेड़ा के अण्णा मोड से लेकर रेलवे क्रॉसिंग तक निकाली गई इस तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। हर आयु वर्ग और समुदाय के लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय घोष के साथ रैली को गौरवपूर्ण रूप दिया।




