
रत्नागिरी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि जो वृद्धाश्रम प्राकृतिक वातावरण से परिपूर्ण होते हैं, उनमें रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की आयु पांच से दस वर्षों तक बढ़ सकती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वृद्धजनों की समस्याओं, उनके समाधान और उनके लिए बनाई जाने वाली व्यवस्थाओं पर गंभीरता से विचार करना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को मंडणगड तालुका के टाकेडे गांव में स्थित मिलन वृद्धाश्रम के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ॲड. आशिष शेलार, राजस्व राज्य मंत्री योगेश कदम, सांसद सुनील तटकरे, विधायक प्रसाद लाड, पूर्व विधायक भाई जगताप, सूर्यकांत दळवी, डॉ. विनय नातू और डॉ. जलिल परकार प्रमुख रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ कार्यक्रम ऐसे होते हैं जो आनंद और खेद दोनों का अनुभव कराते हैं। आनंद इस बात का कि डॉ. जलिल परकार द्वारा निर्मित यह वृद्धाश्रम महाराष्ट्र के सर्वोत्तम वृद्धाश्रमों में से एक है, और खेद इस बात का कि सामाजिक परिवर्तन के कारण आज वृद्धाश्रमों की आवश्यकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि छोटे होते परिवारों, बढ़ती समस्याओं और घटते पारिवारिक अपनत्व के कारण वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से स्थानों की आवश्यकता महसूस हो रही है। फडणवीस ने कहा, “भारत में पहले पारिवारिक व्यवस्था इतनी सुदृढ़ थी कि वृद्धाश्रम जैसी कोई संकल्पना नहीं थी। लेकिन जब समाज के समक्ष नई चुनौतियाँ आती हैं, तो कुछ लोग आगे आकर समाधान प्रस्तुत करते हैं। डॉ. जलिल परकार ने ऐसा ही एक प्रशंसनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले बीस वर्षों में भारत में औसत आयु 85 वर्ष तक पहुँचने वाली है। 2035 के बाद देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ेगी। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए नीतिगत योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और सम्मानजनक जीवन की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी होगी। इस अवसर पर राज्य मंत्री योगेश कदम और सांसद सुनील तटकरे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. जलिल परकार ने सभी अतिथियों और सहभागियों का आभार व्यक्त किया।



