
नई दिल्ली। भीषण गर्मी में लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने महाराष्ट्र सहित 11 राज्यों को गरीब, बेघर, बुजुर्ग, बच्चे और खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, 2018 से 2022 के बीच देश में लू और हीटस्ट्रोक के कारण 3,798 मौतें हुई हैं। इसी पृष्ठभूमि में एनएचआरसी ने राज्यों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के दिशानिर्देशों के पालन की सख्त हिदायत दी है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, छाया, ओआरएस, पंखों और आराम की व्यवस्था, श्रमिकों के कार्य घंटों में लचीलापन और सुरक्षात्मक वस्त्रों की व्यवस्था जैसे उपाय शामिल हैं। आयोग ने महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर यह भी कहा है कि वे श्रमिक कॉलोनियों और अस्थायी आश्रयों में पंखे, ठंडी छत की सामग्री और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करें, साथ ही गर्मी के असर से बचाव के लिए किए गए सभी उपायों की रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करें। आयोग को उम्मीद है कि इन प्रयासों से वंचित वर्गों और खुले में काम करने वालों को इस खतरनाक मौसम में राहत मिलेगी।




