
मुंबई। राज्य के सार्वजनिक निर्माण (राज्य उपक्रम) मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने हाल ही में मुंबई-पुणे यशवंत राव चव्हाण एक्सप्रेसवे पर महत्वाकांक्षी “मिसिंग लिंक” प्रोजेक्ट का दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान, उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति का आकलन किया और इसे तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री बोर्डीकर ने प्रोजेक्ट की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अगस्त 2025 के अंत तक इसे पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि प्रोजेक्ट उच्च मानकों पर और समय पर पूरा हो।
ट्रैफिक समस्याओं का होगा समाधान
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के बोरघाट क्षेत्र में अक्सर ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाएं होती हैं, खासकर मानसून के दौरान जब लैंडस्लाइड के मामले भी बढ़ जाते हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, नया “मिसिंग लिंक” प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। “मिसिंग लिंक” प्रोजेक्ट के पूरा होने से मुंबई-पुणे द्रुतगति मार्ग पर यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी। खालापुर से खोपोली इंटरचेंज और खोपोली एक्सिट से कुसगाव (सिंहगड संस्था) के बीच की दूरी 19 किमी से घटकर 13.3 किमी हो जाएगी। इससे यात्रा के समय में 20-25 मिनट की बचत होगी, साथ ही ईंधन की बचत और वायु प्रदूषण में कमी आएगी। इस दौरे के दौरान महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) के पुणे विभाग के अधीक्षक अभियंता राहुल वसईकर, कार्यकारी अभियंता राकेश सोनवाणे, प्रोजेक्ट सलाहकार, ठेकेदार और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे। राज्यमंत्री साकोरे-बोर्डीकर ने इस प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन से मुंबई-पुणे मार्ग पर यात्रा की स्थिति में सुधार होने का विश्वास व्यक्त किया।




