
मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को 2015 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता गोविंद पानसरे की हत्या के छह आरोपियों को लंबी कैद के आधार पर जमानत दे दी। जस्टिस एएस किलोर ने आरोपियों- सचिन अंदुरे, गणेश मिस्किन, अमित देगवेकर, अमित बद्दी, भरत कुराने और वासुदेव सूर्यवंशी को जमानत दे दी। वहीं, आरोपी वीरेंद्रसिंह तावड़े की जमानत याचिका पर अलग से सुनवाई होगी। गोविंद पानसरे को 16 फरवरी 2015 को कोल्हापुर में गोली मारी गई थी, जिसके बाद 20 फरवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया। हमले में उनकी पत्नी उमा पानसरे घायल हुई थीं, लेकिन इलाज के बाद वह बच गईं। प्रारंभ में मामले की जांच कोल्हापुर पुलिस ने की, बाद में इसे महाराष्ट्र सीआईडी के एसआईटी को सौंपा गया। हालांकि, जांच में कोई महत्वपूर्ण प्रगति न होने पर, पानसरे के परिवार ने इसे एटीएस को सौंपने की मांग की। हाईकोर्ट ने 3 अगस्त 2022 को एटीएस को जांच सौंप दी। अब तक 12 आरोपियों में से 10 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो शूटर अभी भी फरार हैं। इस महीने की शुरुआत में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की निगरानी बंद कर दी थी, यह कहते हुए कि आगे की निगरानी की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अदालत ने मामले की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है।




