
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा तैयार की गई 100 दिवसीय योजना में जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग 90 से 95 प्रतिशत लक्ष्य पूरे कर चुका है। शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए विशेष योजना बनाने और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल की अध्यक्षता में मंत्रालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रधान सचिव संजय खंडारे, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव अभिषेक कृष्ण, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक ई. रवींद्र, संयुक्त सचिव बी.जी.पवार, मुख्य अभियंता प्रशांत भामरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ योजना की समीक्षा की गई, जिसमें ‘टैंक जलापूर्ति’ योजना की प्रगति, सभी जल स्रोतों की 100% जियो-टैगिंग, स्कूलों और आंगनवाड़ियों में पेयजल सुविधाओं की उपलब्धता और राज्य में 10 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना जैसे कार्य शामिल थे। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन की समीक्षा की गई, जिसमें गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ODF) घोषित करने की प्रक्रिया, गोवर्धन परियोजना, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना और अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में 100 दिवसीय योजना के अंतर्गत कार्यालय सुधार अभियान की भी समीक्षा हुई, जिसमें वेबसाइट की सुगमता, कार्यालयों और शौचालयों की स्वच्छता, नागरिकों की सेवाओं तक आसान पहुंच, विभिन्न शिकायतों का त्वरित निवारण और अर्द्धन्यायिक मामलों का शीघ्र निपटान शामिल था। मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि विभाग ने 90-95% लक्ष्य पूरे कर लिए हैं, शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए अधिकारियों को सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।




