
मुंबई। ठाणे के बदलापुर स्कूल यौन शोषण मामले से जुड़े एनकाउंटर केस में बॉम्बे हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद मुंबई क्राइम ब्रांच ने 3 मई (शनिवार) तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। हाईकोर्ट ने पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। डिप्टी कमिश्नर और एसआईटी सदस्य दत्ता नलवाडे ने कहा कि सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के चलते एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। वहीं सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच केस फाइलों की समीक्षा कर रही है और अदालत से अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी में है। 5 मई को सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई निर्धारित है। यह मामला सितंबर 2024 का है, जब बदलापुर स्कूल यौन शोषण मामले के आरोपी अक्षय शिंदे की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए 30 अप्रैल को पूछा था कि एफआईआर कब तक दर्ज की जाएगी। जवाब में क्राइम ब्रांच ने 3 मई तक की मोहलत मांगी थी। जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने क्राइम ब्रांच की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई और स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर आदेश का पालन नहीं हुआ, तो अवमानना की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।




