
मुंबई। शहर में नशीली दवाओं के बढ़ते खतरे के बीच मुंबई पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। महानगर को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स से जुड़े अपराधों के खिलाफ ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति सख्ती से लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, सप्लाई या सेवन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार छापेमारी कर करोड़ों रुपये की नशीली दवाएं जब्त की हैं और कई तस्करों को गिरफ्तार किया है। खास तौर पर स्कूलों और कॉलेजों के आसपास सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने युवाओं को निशाना बनाने वाले गिरोहों पर कार्रवाई तेज कर दी है। जांच में सामने आया है कि आसान पैसे के लालच और गलत संगत के चलते कई युवा इन नेटवर्क्स में फंस रहे थे। अब पुलिस इन रैकेट्स को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। मुंबई पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग के बिना इस लड़ाई को पूरी तरह जीतना संभव नहीं है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में ड्रग्स के खिलाफ और बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाएंगे, जिससे शहर को नशे के जाल से मुक्त किया जा सके।




