
खार पूर्व गोलीबार रोड के सीसी निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, अधूरा निर्माण व जगह-जगह बने गड्ढे व दरारें
उपप्रमुख अभियंता से लेकर दुय्यम अभियंता सब भ्रष्टाचार में लिप्त!
मुंबई। मुंबईकरों को गड्ढामुक्त सड़कें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन मुख्यमंत्री व वर्तमान में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई की सड़कों को सीसी (कंक्रीट) सड़क में परिवर्तित करने का महत्वाकांक्षी निर्णय लिया था। इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन बीएमसी के पश्चिम उपनगर की कई सड़कों के सीसी निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ है, ऐसा कहना गलत नहीं होगा। जिस प्रकार बीएमसी के एच/पूर्व विभाग अंतर्गत खार पूर्व स्थित जेपी रोड, गोलीबार रोड और पाइपलाइन रोड के सीसी निर्माण में निम्न दर्जे का काम किया गया है, उससे पूरी परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद गड्ढे और दरारें दिखाई देने लगी हैं। वहीं गोलीबार रोड का सीसी निर्माण कार्य लगभग एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है। जगह-जगह बने गड्ढे और दरारें अब आम बात हो गई हैं। इसका खामियाजा केवल स्थानीय रहवासियों को ही नहीं, बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भी भुगतना पड़ रहा है। कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इस संबंध में बीएमसी आयुक्त से लेकर कई वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायतें की गईं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पश्चिम उपनगर में सीसी सड़क परियोजनाओं की निगरानी करने वाले अधिकारियों को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। स्थानीय निवासी दयाराम भाटी का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि सड़कें अधूरी रहें और कुछ ही समय में उनमें दरारें पड़ जाएं, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश वर्मा ने कहा है कि पश्चिम उपनगर के उपप्रमुख अभियंता से लेकर संबंधित दुय्यम अभियंता तक पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार में लिप्त है और गुणवत्ता की बजाय कमीशनखोरी को प्राथमिकता दी जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे और मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े इस गंभीर मामले का संज्ञान लेंगी? क्या अधूरे पड़े गोलीबार रोड, जेपी रोड और पाइपलाइन रोड के निर्माण कार्य को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे? और क्या करोड़ों रुपये की इस परियोजना में कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी? यह सवाल आज खार पूर्व के नागरिकों के साथ-साथ उन सभी मुंबईकरों के मन में है, जिनके टैक्स के पैसों से यह परियोजना बनाई जा रही है।



