
मुंबई। पश्चिम रेलवे यात्रियों और रेल कर्मचारियों को सुरक्षित भोजन एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अपने पूरे नेटवर्क पर खाद्य सुरक्षा और पानी की गुणवत्ता की लगातार निगरानी कर रहा है। अप्रैल 2026 से अब तक किए गए परीक्षणों में लगभग 98 प्रतिशत खाद्य नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। इसके साथ ही पश्चिम रेलवे ने 64 ‘ईट राइट’ प्रमाणन भी हासिल किए हैं, जिनमें 51 रेलवे स्टेशन और 13 रेलवे परिसर शामिल हैं। पश्चिम रेलवे की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मेडिकल विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSA) तथा गुणवत्ता नियंत्रण (QC) कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर खाद्य नमूनों की जांच की। अप्रैल 2026 से अब तक कुल 999 खाद्य नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें लगभग 98 प्रतिशत नमूने सुरक्षित पाए गए। FSSA के तहत जांचे गए 357 नमूनों में 356 सही पाए गए, जबकि गुणवत्ता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 642 में से 626 नमूने मानकों पर खरे उतरे। राजकोट, भावनगर और जगजीवन राम अस्पताल ने दोनों श्रेणियों में 100 प्रतिशत फिटनेस दर्ज की।
64 स्थानों को मिला ‘ईट राइट’ प्रमाणन
यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे ने अब तक 64 ‘ईट राइट’ प्रमाणन प्राप्त किए हैं। इनमें 51 ‘ईट राइट स्टेशन’ और 13 ‘ईट राइट कैंपस’ शामिल हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सहयोग से संचालित इस पहल के तहत खानपान से जुड़े विक्रेताओं और कर्मचारियों को प्रशिक्षण, नियमित निरीक्षण और निगरानी के माध्यम से खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
पेयजल गुणवत्ता की भी व्यापक जांच
पश्चिम रेलवे ने पेयजल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया है। अप्रैल 2026 से अब तक 3,879 बैक्टीरियोलॉजिकल नमूनों की जांच की गई, जिनमें 99.87 प्रतिशत नमूने सुरक्षित पाए गए। इसके अलावा 33,104 रेसिडुअल क्लोरीन परीक्षण भी किए गए। जगजीवन राम अस्पताल, वडोदरा, रतलाम, राजकोट, भावनगर और दाहोद ने पानी की जांच में 100 प्रतिशत फिटनेस दर्ज की। मुंबई मंडल में उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों क्षेत्रों में पानी की नियमित जांच की गई। उपनगरीय क्षेत्र में 333 में से 329 नमूने सुरक्षित पाए गए, जबकि गैर-उपनगरीय क्षेत्र में जांचे गए सभी 381 नमूने मानकों पर खरे उतरे। वहीं रेसिडुअल क्लोरीन परीक्षण में उपनगरीय क्षेत्र के 2,193 में से 2,192 तथा गैर-उपनगरीय क्षेत्र के 3,090 में से 3,039 परीक्षण संतोषजनक पाए गए। पश्चिम रेलवे का कहना है कि रेलवे स्टेशनों, कॉलोनियों, पानी की टंकियों, पाइपलाइनों, वाटर कूलरों और पेयजल केंद्रों की नियमित सफाई और परीक्षण जारी है। यह अभियान यात्रियों को सुरक्षित भोजन और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने की दिशा में रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

