
मुंबई। मुंबई महानगर क्षेत्र की जल परिवहन सेवा को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए ऑनलाइन टिकट प्रणाली लागू की जाएगी। मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने कहा कि वर्सोवा-मढ की पारंपरिक टिकट व्यवस्था को आधुनिक डिजिटल प्रणाली में बदला जाएगा। बुधवार को मंत्रालय में मुंबई महानगर क्षेत्र की यात्री जल परिवहन सेवा के लिए ऑनलाइन टिकट वितरण और बिक्री प्रणाली शुरू करने को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. प्रदीप सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री नितेश राणे ने बताया कि महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड और निजी भागीदारों के सहयोग से इस परियोजना को लागू किया जाएगा। इसके तहत मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक डिजिटल पास शुरू करने की योजना बनाई गई है। अगले तीन महीनों में कम से कम 50 प्रतिशत टिकट लेन-देन ऑनलाइन माध्यम से करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 22 हजार टिकटों का लेन-देन होता है, जिनमें से कम से कम 11 हजार लेन-देन डिजिटल माध्यम से करने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए जल परिवहन में डिजिटल तकनीक का उपयोग आवश्यक हो गया है। ऑनलाइन टिकट प्रणाली लागू होने से यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा, टिकट प्रक्रिया तेज होगी और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। बैठक में मानसून पूर्व जल परिवहन सेवाओं को तेजी से शुरू करने पर भी चर्चा हुई। गेटवे ऑफ इंडिया, बेलापुर, एलिफेंटा और डीसीडी टर्मिनल मार्गों पर सेवाएं जल्द शुरू करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा टिकट प्रणाली के माध्यम से विज्ञापन और कमर्शियल ब्रांडिंग द्वारा अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करने के विकल्पों पर भी चर्चा की गई। जेट्टी क्षेत्रों में गज़ेबो, डिजिटल सूचना प्रणाली और यात्रियों के लिए अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई गई है। बैठक में स्मार्ट ऑटोमेटिक गेट्स, क्यूआर कोड आधारित प्रवेश व्यवस्था, हैंडहेल्ड टिकट मशीन और मल्टी-मोडल पेमेंट सिस्टम का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।




