पुणे फेस्टिवल के 38वें संस्करण का उपराष्ट्रपति ने किया उद्घाटन
सी.पी. राधाकृष्णन बोले- आधुनिक विकास के साथ सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव जरूरी; 21 देशों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, अभिनेता मोहन जोशी को ‘जीवन गौरव पुरस्कार’

पुणे। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने श्री गणेश कला-क्रीड़ा रंगमंच, स्वारगेट में पुणे फेस्टिवल के 38वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ने के साथ देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भाषा, कला, परंपराओं और मूल्यों का संरक्षण भी आवश्यक है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचा, तकनीक और आर्थिक विकास जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही अपनी सांस्कृतिक जड़ों से मजबूत जुड़ाव बनाए रखना भी जरूरी है। यही विकसित भारत की वास्तविक पहचान होनी चाहिए। उन्होंने पुणे फेस्टिवल की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन ने कला, संस्कृति, संगीत, नृत्य, साहित्य, खेल और पर्यटन को एक मंच पर लाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। विभिन्न देशों के कलाकारों, पर्यटकों, प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों की भागीदारी से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है। इस वर्ष महोत्सव में 21 देशों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि अलग-अलग आस्थाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के प्रति सम्मान भारतीय सांस्कृतिक जीवन की प्रमुख विशेषता है। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि पर्यटन आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुणे फेस्टिवल में भविष्य में और विस्तार के साथ एक वैश्विक सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में विकसित होने की बड़ी क्षमता है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि स्थापित कलाकारों के साथ नवोदित प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना पुणे फेस्टिवल की खासियत रही है। महिला महोत्सव, लावणी महोत्सव, चित्रकला, नृत्य, पाककला, मेहंदी सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया है। समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने वरिष्ठ अभिनेता मोहन जोशी को ‘पुणे फेस्टिवल जीवन गौरव पुरस्कार’ प्रदान कर सम्मानित किया। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, पूर्व मुख्यमंत्री सुशीलकुमार शिंदे, सांसद एवं अभिनेत्री हेमा मालिनी, सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी, पुणे फेस्टिवल के अध्यक्ष कृष्णकुमार गोयल और मीरा सुरेश कलमाडी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
