
मुंबई। महाराष्ट्र विधानमंडल के कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लंबित संसदीय आयुधों की डिजिटल निगरानी और प्रभावी फॉलोअप के लिए विकसित अत्याधुनिक डैशबोर्ड का उद्घाटन गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। इस डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से तारांकित प्रश्न, अतारांकित प्रश्न, ध्यानाकर्षण सूचनाएं, आधे घंटे की चर्चा की सूचनाएं, विशेष उल्लेख और औचित्य के मुद्दों सहित विभिन्न संसदीय आयुधों की लंबित स्थिति की रियल टाइम जानकारी उपलब्ध होगी। इससे सरकार और विधानमंडल के बीच समन्वय अधिक प्रभावी होगा। विधान भवन में आयोजित कार्यक्रम में विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहिर, विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे तथा विधानमंडल सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर विधानमंडल सचिव जितेंद्र भोले ने डिजिटल डैशबोर्ड की विशेषताओं की जानकारी देते हुए विधानमंडल में जारी कंप्यूटरीकरण और डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया का विवरण प्रस्तुत किया।
दोनों सदनों को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम
जुलाई 2022 में विधानमंडल के दोनों सदनों को पूरी तरह डिजिटल बनाने का संकल्प लिया गया था। इसके तहत सदस्यों की प्रत्येक डेस्क पर अत्याधुनिक मल्टीमीडिया कॉन्फ्रेंस सिस्टम लगाए गए। इस प्रणाली के माध्यम से सदस्यों को सदन की दैनिक कार्यवाही, विधानमंडल की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी और इंटरनेट पर मौजूद आवश्यक संदर्भ सामग्री आसानी से उपलब्ध हो रही है। भविष्य में विधानमंडल के पुस्तकालय में उपलब्ध संदर्भ सामग्री भी एक क्लिक पर सदन में उपलब्ध कराने की सुविधा विकसित की जा रही है।विधानमंडल की महत्वाकांक्षी डिजिटलीकरण परियोजना के तहत वर्ष 1937 से अब तक की कार्यवाही के विवरणों का डिजिटलीकरण किया गया है। इसके अलावा वर्ष 2013 से सदन की दृश्य-श्रव्य कार्यवाही का भी डिजिटल संग्रह तैयार किया गया है। इससे ऐतिहासिक संसदीय अभिलेख शोधकर्ताओं, विधानमंडल सदस्यों और प्रशासन के लिए अधिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
राजपत्र से लेकर न्यायालयीन फैसलों तक मिलेंगी डिजिटल प्रतियां
राजपत्र, विधेयक, बजट प्रकाशन, राज्यपाल के अभिभाषण, विधानमंडल समितियों की रिपोर्ट, जांच समितियों की रिपोर्ट, सरकारी महामंडलों और विश्वविद्यालयों की रिपोर्ट, चुनाव संबंधी निर्णय, सरकारी योजनाएं और नीतियां, सदस्यों की जानकारी तथा महत्वपूर्ण न्यायालयीन फैसलों की डिजिटल प्रतियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। दिसंबर 2024 में विधानमंडल की डिजिटल परिवर्तन प्रक्रिया को और गति मिली। सभापति की पहल पर सबसे पहले उनके कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई। इसके बाद पूरे विधानमंडल सचिवालय में ई-ऑफिस प्रणाली प्रभावी रूप से लागू की गई। वर्तमान में अधिकांश प्रशासनिक कामकाज ई-ऑफिस के माध्यम से किया जा रहा है। भविष्य में ई-एचआरएमएस, महापार और ई-आरटीआई जैसी डिजिटल प्रणालियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
खत्म होगी कागजी प्रक्रिया, ऑनलाइन होगी लंबित मामलों की निगरानी
नए डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से संसदीय आयुधों के फॉलोअप की पारंपरिक कागजी प्रक्रिया समाप्त होकर पूरी व्यवस्था डिजिटल हो जाएगी। डैशबोर्ड के जरिए संसदीय आयुधों की वर्तमान स्थिति, लंबित मामलों और विभागवार जानकारी तत्काल उपलब्ध होगी। ‘सदन के पटल पर दस्तावेज रखने’ से संबंधित समिति के कामकाज में भी इस प्रणाली का प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्य सचिव और विभिन्न मंत्रालयीन विभागों के सचिव अपने विभागों से संबंधित लंबित संसदीय मामलों की ऑनलाइन निगरानी कर सकेंगे। इससे जवाब प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अधिक तेज और जवाबदेह बनेगी। विधानमंडल के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में उठाया गया यह कदम महाराष्ट्र के संसदीय कामकाज को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।



