
भूपेन्द्र सिंह/ उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव-हरदोई मार्ग पर कोतवाली क्षेत्र के ककरौरा के पास शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। सामने से आ रहे डंपर से बचने के प्रयास में एक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और उसकी ट्रॉली पलट गई, जिस पर सवार 25 लोगों में से 17 महिला-पुरुष घायल हो गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। साथ चल रहे वाहन चालकों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला और निजी वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सफीपुर पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद 14 गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जिनमें छह की हालत चिंताजनक बताई जा रही है, जबकि रीतिका, शीलू और निखिल को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार थाना फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के गांव अजगवा निवासी ग्रामीण सार्वजनिक सहयोग से निर्मित शिव मंदिर में स्थापना हेतु शिव परिवार की पांच प्रतिमाएं—शिवलिंग, नंदी बाबा, दुर्गा, पार्वती और बजरंगबली—लेकर पौराणिक स्थल बिठूर जा रहे थे। शनिवार को मंदिर में प्रतिमा स्थापना प्रस्तावित थी। श्रद्धालु पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली, चार कारों और लगभग 15 मोटरसाइकिलों से यात्रा कर रहे थे। ककरौरा के समीप पहुंचते ही सामने से आए तेज रफ्तार डंपर से बचने के प्रयास में एक ट्रैक्टर चालक संतुलन खो बैठा, जिससे ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार महिलाएं व बच्चे घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। घायलों में रूबी (24) पत्नी संतोष यादव, राधा (18) पुत्री स्व. राजकिशोर, निखिल (15) पुत्र संतोष कुमार, सावित्री (55) पत्नी रामबरन, मालती (60) पत्नी राजकिशोर, अनामिका (18) पुत्री दिनेश, सुमन (40) पत्नी बबलू, रीता (45) पत्नी नानक चंद्र, शकुंतला (55) पत्नी महेश यादव, कुशमा (62) पत्नी रामसिंह, सरिता (45) पत्नी नरेंद्र सिंह, सुनीता (45) पत्नी अच्छेलाल, शीलू (18) पुत्री अजयपाल यादव, रीतिका (10) पुत्री मुलायम, शगुन (12) पुत्री मुलायम, आकांक्षा (12) पुत्री रामबरन और मीरु (45) पत्नी गोकरन शामिल हैं। पुलिस ने डंपर चालक की तलाश शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह दुर्घटना धार्मिक यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों और यातायात नियंत्रण की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है।




