टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अंधेरी के होटल में फर्जी पहचान से रुके थे हमलावर
पांच दिन तक ‘अंकित’ और ‘मोहित’ के नाम से ठहरने का दावा, CCTV में घटना से पहले होटल से निकलते दिखे आरोपी

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर 18 अक्टूबर को जुहू में हुई गोलीबारी की घटना की जांच में एक और अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले के दो हमलावर अंधेरी ईस्ट स्थित ‘आरआर रेजिडेंसी’ होटल में फर्जी पहचान के साथ करीब पांच दिनों तक रुके थे। संदिग्धों की पहचान रेहान आर. और फूल सिंह के रूप में बताई गई है, जो हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। वहीं ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन बिहार के बेगूसराय का निवासी बताया गया है और मुंबई में रहता है। बताया गया है कि आरोपी होटल में अपने वास्तविक नामों के बजाय ‘अंकित’ और ‘मोहित’ नाम से ठहरे थे और पहचान के लिए आधार कार्ड जमा किए थे। होटल प्रबंधन के अनुसार, दस्तावेजों में हरियाणा का पता दर्ज था। होटल के मैनेजर विक्रांत ने बताया कि आरोपियों के हाव-भाव या गतिविधियों से कर्मचारियों को उन पर किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। उन्होंने होटल स्टाफ को बताया था कि वे मुंबई घूमने आए हैं। मैनेजर के अनुसार, आरोपी कमरे का रोजाना करीब 1,500 रुपये नकद किराया देते थे और आमतौर पर बाहर से खाना मंगाते थे। गोलीबारी की घटना के बाद जब क्राइम ब्रांच की टीम होटल पहुंची और संदिग्धों की तस्वीरें दिखाईं, तब होटल कर्मचारियों को उनके मामले से जुड़े होने की जानकारी हुई। मैनेजर ने बताया कि पुलिस को संदिग्धों के ठहरने वाले कमरे की भी जानकारी दी गई। कमरे में उनके कुछ बैग, कपड़े और चप्पलें भी पड़े मिले थे, जिन्हें जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर संदिग्धों को गोलीबारी से कुछ समय पहले होटल से निकलते देखा गया। फुटेज के मुताबिक, शाम करीब 4:12 बजे एक आरोपी नीला बैग लेकर होटल से निकला। इसके करीब एक मिनट बाद 4:13 बजे दो अन्य लोग पीली रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर वहां से निकलते दिखाई दिए। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि नीले बैग में हथियार हो सकता था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया गया कि होटल से निकलने के बाद तीनों संदिग्ध जुहू स्थित एक फुटबॉल क्लब की दिशा में गए, जहां बाद में गोलीबारी की घटना हुई। इस हमले में टाइगर श्रॉफ समेत तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई थी। क्राइम ब्रांच अब होटल में ठहरने के दौरान आरोपियों की गतिविधियों, इस्तेमाल किए गए पहचान पत्रों, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
