एसटी बस अड्डों के शौचालयों की सफाई में लापरवाही पर विभाग नियंत्रक होंगे जिम्मेदार: मंत्री प्रताप सरनाईक
दो रुपये स्वच्छता अधिभार के बदले यात्रियों को मिलें बेहतर और स्वच्छ सुविधाएं

मुंबई। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) के बस अड्डों पर शौचालयों की सफाई में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विभाग नियंत्रकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। गुरुवार को परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वास्थ्यकर सुविधाएं उपलब्ध कराना महामंडल की मूल जिम्मेदारी है और स्वच्छता के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसटी महामंडल मुख्यालय में आयोजित स्वच्छता समीक्षा बैठक में सरनाईक ने अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में महामंडल के विभाग प्रमुख, प्रादेशिक व्यवस्थापक और विभाग नियंत्रक उपस्थित थे।
दो रुपये स्वच्छता अधिभार के बदले गुणवत्तापूर्ण सुविधा दें
सरनाईक ने कहा कि एसटी महामंडल यात्रियों से दो रुपये स्वच्छता अधिभार वसूलता है। इसके बदले यात्रियों को कम से कम साफ-सुथरी और स्वास्थ्यकर सुविधाएं मिलना आवश्यक है। बस अड्डों के शौचालय स्वच्छ रखना और यात्रियों के स्वास्थ्य की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शौचालयों की सफाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। यात्रियों की उचित अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को अधिक सतर्कता और जिम्मेदारी से काम करना होगा।
शौचालयों की नियमित जांच के निर्देश
परिवहन मंत्री ने निर्देश दिया कि बस अड्डों के शौचालयों की नियमित जांच की जाए और सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए। संबंधित ठेकेदार संस्थाओं से अनुबंध की शर्तों के अनुसार सफाई का काम कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई की जिम्मेदारी केवल ठेकेदारों पर छोड़कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। अपने कार्यक्षेत्र के बस अड्डों पर नियमित सफाई हो रही है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित अधिकारियों को स्वयं करनी होगी। यात्रियों को स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराने में चूक पाए जाने पर संबंधित विभाग नियंत्रकों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। सरनाईक ने कहा कि एसटी आम जनता के दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के साथ-साथ साफ-सुथरे बस अड्डे और स्वास्थ्यकर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी महामंडल की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिक संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने का आह्वान किया।
