मानव अंडे निकालने के अवैध रैकेट पर ED की कार्रवाई, 29 लाख नकद जब्त

ठाणे, बारामती और नासिक में अस्पतालों व IVF केंद्रों समेत 10 ठिकानों पर छापे; बैंक लॉकर और म्यूचुअल फंड निवेश भी फ्रीज

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र में कथित तौर पर अवैध तरीके से महिलाओं के अंडाणु (ह्यूमन एग्स) निकालने और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने तलाशी के दौरान 29 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं, जबकि कुछ बैंक लॉकर और म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया गया है। ED के मुंबई जोनल ऑफिस-II ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत 16 अक्टूबर को ठाणे, बारामती और नासिक में अस्पतालों, IVF केंद्रों और अन्य परिसरों समेत 10 ठिकानों पर तलाशी ली थी। कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई। तलाशी के दौरान एजेंसी ने कई दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं। ED को संदेह है कि इनमें कथित नेटवर्क के संचालन और उसके वित्तीय लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है।
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को बनाते थे डोनर
ED की जांच के अनुसार, कथित नेटवर्क से जुड़े एजेंट आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अंडाणु दान के लिए तैयार करते थे और उन्हें IVF केंद्रों तथा असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) बैंकों से जोड़ते थे। एजेंसी का संदेह है कि अलग-अलग प्रोप्राइटरशिप फर्मों के तहत काम करने वाले एजेंट महिलाओं को अंडाणु दान के बदले पैसे देने का लालच देते थे, जबकि बिचौलियों को इन सौदों से कमीशन मिलता था। ED यह पता लगाने में जुटी है कि डोनर महिलाओं को किस तरह तलाशा जाता था, उन्हें किन मेडिकल केंद्रों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरी प्रक्रिया में किन-किन लोगों एवं संस्थाओं की भूमिका थी।
फर्जी आधार-पैन और मेडिकल दस्तावेज मिलने का दावा
जांच एजेंसी के अनुसार, तलाशी और जांच में ऐसे दस्तावेज भी सामने आए हैं जिनका कथित रूप से इस्तेमाल अंडाणु दान करने वाली महिलाओं की पहचान छिपाने या बदलने के लिए किया गया। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, सहमति पत्र, हलफनामे, जन्म प्रमाण पत्र, ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और बीमा संबंधी दस्तावेज शामिल बताए गए हैं। ED को आशंका है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए कुछ महिलाओं से निर्धारित मानकों के विपरीत बार-बार अंडाणु निकलवाए गए होंगे और उनकी मेडिकल फिटनेस से संबंधित रिकॉर्ड में भी गलत जानकारी दर्ज की गई होगी।
दूसरे राज्यों के मेडिकल केंद्रों तक भेजे जाने की भी जांच
जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि महिलाओं को अंडाणु निकालने की प्रक्रिया के लिए महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों के अलग-अलग मेडिकल केंद्रों में भी भेजा जाता था। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस प्रक्रिया में ART से जुड़े सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया गया। बार-बार अंडाणु निकालने जैसी प्रक्रियाओं से महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
बदलापुर पुलिस की FIR से शुरू हुई मनी लॉन्ड्रिंग जांच
ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच की शुरुआत बदलापुर (पूर्व) पुलिस द्वारा दर्ज एक FIR और बाद में दाखिल चार्जशीट के आधार पर हुई। इस मामले में मंजूषा वानखेड़े सहित 17 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स से जुड़े कानूनों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। ED का कहना है कि 16 अक्टूबर की तलाशी के दौरान जांच से संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिले हैं। डोनर उपलब्ध कराने में कथित तौर पर शामिल कुछ अन्य एजेंटों की भी पहचान की गई है। जांच के दौरान कई अचल संपत्तियों और बड़े निवेशों की जानकारी मिलने की बात भी सामने आई है। ED अब कथित नेटवर्क से जुड़े धन के स्रोत, उसके इस्तेमाल, एजेंटों और मेडिकल संस्थानों के बीच वित्तीय लेन-देन तथा इससे लाभ उठाने वाले लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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