
18 मार्च की जनरल मीटिंग में रखा जाएगा प्रस्ताव
दिनेश चंद्र रावल/ठाणे। ठाणे महानगर पालिका (टीएमसी) प्रशासन ने शहर में सिटी स्ट्रीट वेंडर कमेटी के गठन के लिए टाले गए चुनावों को दोबारा कराने की दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है। राजनीतिक दलों और हॉकर्स संगठनों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए पालिका ने फेरीवालों के लिए नया रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू करने का फैसला लिया है। इस प्रक्रिया के तहत शहर के सभी फेरीवालों का बायोमेट्रिक सर्वे किया जाएगा और उन्हें आधिकारिक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट व पहचान पत्र दिए जाएंगे। इस कार्य के लिए एक कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे मंजूरी के लिए 18 मार्च को होने वाली जनरल मीटिंग में पेश किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 49 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। गौरतलब है कि 9 सितंबर 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हॉकर पॉलिसी को लागू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद ठाणे महानगरपालिका ने राज्य सरकार के निर्देशानुसार सिटी हॉकर कमेटी का गठन किया था। कमेटी की मंजूरी से 2016 और 2019 में फेरीवालों का सर्वे किया गया था और आवश्यक दस्तावेज पूरे करने वाले फेरीवालों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिए गए थे। बाद में राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार ठाणे में सिटी स्ट्रीट वेंडर कमेटी के गठन के लिए चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। इसके तहत फरवरी 2023 तक रजिस्टर्ड फेरीवालों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी और 26 मार्च 2025 को आठ प्रतिनिधियों के चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया गया था। हालांकि, इस प्रक्रिया पर कई फेरीवाला संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक दलों और पूर्व नगरसेवकों ने आपत्ति जताई। राजीव गांधी हॉकर्स यूनियन ने इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की। इन आपत्तियों को देखते हुए नगर आयुक्त ने 3 अप्रैल 2025 को चुनाव प्रक्रिया स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके बाद स्ट्रीट वेंडर स्कीम 2017 के नियमों के अनुसार, हर पांच साल में होने वाले पुनः सर्वे के तहत शहर के सभी फेरीवालों का नया सर्वे कराने का निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त ने 7 मई 2025 को पूरे महानगरपालिका क्षेत्र में दोबारा सर्वे की मंजूरी दी। अब इस नई प्रक्रिया के तहत फेरीवालों का बायोमेट्रिक सर्वे, रजिस्ट्रेशन और पहचान पत्र वितरण किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अमोल केंद्रे ने पालिका मुख्यालय के बाहर मोर्चा और धरना आंदोलन भी किया था। इस आंदोलन में अश्विनी केंद्रे, दीपक भालेराव, अरविंद कोठारी,अनिल मौर्या, अभयलाल दुबे, राजू गुप्ता सहित हजारों की संख्या में फेरीवाले मौजूद थे। आंदोलन के दौरान उपायुक्त (मुख्यालय) गोदपुरे को निवेदन भी सौंपा गया था। अब ठाणे की जनता और फेरीवालों को उम्मीद है कि प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करेगा। ओर राहगीरों,यातायात ओर हॉकर्स की समस्याओं से शहर को मुक्त करेगा।




