
इंद्र यादव/मुंबई। अगर आपको भी फोन पर कोई Amazon, Flipkart या Blue Dart जैसी बड़ी कंपनी की ‘लाइफटाइम फ्रैंचाइजी’ दिलाकर घर बैठे मोटी कमाई का सपना दिखाए, तो जरा संभल जाइए। मुंबई में इसी सपने को बेचकर लोगों की जेब खाली करने वाला एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा गया है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच (कक्ष-90) ने मालाड पश्चिम स्थित ‘इंस्टा ट्रांसफर बिज प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कॉल सेंटर पर छापा मारकर कथित मास्टरमाइंड समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कॉल सेंटर से लोगों को फोन कर Amazon, Flipkart, Myntra, DTDC और BigBasket जैसे बड़े ब्रांड की फ्रैंचाइजी दिलाने का झांसा दिया जाता था। टेलीकॉलर्स बड़ी कंपनियों से जुड़े होने का दावा कर लोगों को समझाते थे कि थोड़ी रकम निवेश करने पर उन्हें पार्सल डिलीवरी की फ्रैंचाइजी मिल जाएगी और इसके जरिए लंबे समय तक अच्छी कमाई की जा सकेगी। एक बार कोई व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता तो कथित तौर पर रजिस्ट्रेशन, फ्रैंचाइजी फीस और एग्रीमेंट सहित अलग-अलग बहानों से उससे पैसे लिए जाते थे। भरोसा कायम रखने के लिए बाकायदा दस्तावेज और एग्रीमेंट भी दिए जाते थे। पुलिस को छापेमारी के दौरान 100 से अधिक कथित फर्जी एग्रीमेंट मिले हैं। यानी कागज देखकर ग्राहक को लगता था कि बिजनेस पक्का है, लेकिन बाद में पता चलता था—साइन उनके और कमाई ठगों की! मुंबई क्राइम ब्रांच ने 24 अगस्त 2026 को मालाड पश्चिम के इस कॉल सेंटर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने सभी नौ आरोपियों को 28 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।छापेमारी में पुलिस ने करीब 25 लाख रुपये मूल्य का इलेक्ट्रॉनिक सामान और दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें 32 लैपटॉप, 105 हार्ड डिस्क, 30 मोबाइल फोन, पांच टैबलेट और 100 से ज्यादा कथित फर्जी एग्रीमेंट शामिल हैं। पुलिस अब जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल और हार्ड डिस्क में मौजूद डेटा खंगाल रही है, जिससे ठगी के पूरे नेटवर्क और पीड़ितों की वास्तविक संख्या सामने आने की उम्मीद है। प्रारंभिक जांच में कम से कम 20 लोगों के इस जाल में फंसकर अपनी रकम गंवाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने और डिजिटल डेटा की पड़ताल के बाद पीड़ितों की संख्या कहीं अधिक हो सकती है।पुलिस ने ऐसे किसी फ्रैंचाइजी फ्रॉड का शिकार हुए लोगों से सामने आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। साथ ही लोगों के लिए भी सबक साफ है—फोन पर कोई बड़ी कंपनी की फ्रैंचाइजी और घर बैठे मोटी कमाई का सपना दिखाए तो पैसे भेजने से पहले कंपनी के आधिकारिक माध्यम से उसकी पूरी जांच जरूर करें। क्योंकि ‘मुफ्त का चंदन, घिस मेरे नंदन’ वाली स्कीम में कई बार चंदन किसी और का नहीं, आपकी अपनी जेब का निकलता है।

