महाराष्ट्र के युवाओं के लिए बनेगा ‘स्किल पासपोर्ट’, विदेशों में रोजगार की राह होगी आसान
फडणवीस ने देशवार कौशल और भाषा प्रशिक्षण तैयार करने के दिए निर्देश, 28 देशों में इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्रों में कुशल कामगारों की मांग

मुंबई। महाराष्ट्र के युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अलग-अलग देशों में कुशल कामगारों की जरूरत के अनुसार देशवार ‘स्किल पासपोर्ट’ तैयार करने और आईटीआई सहित प्रशिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रम को वैश्विक रोजगार की मांग के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सह्याद्री अतिथि गृह में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक गतिशीलता पर आयोजित उच्चस्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रोजगार के लिए सुरक्षित भर्ती व्यवस्था विकसित की जाएगी। सम्मेलन का आयोजन ‘मित्रा’, राजशिष्टाचार विभाग, कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग तथा ‘महिमा’ ने संयुक्त रूप से किया। फडणवीस ने कहा कि दुनिया के कई देशों में बदलती जनसंख्या और बढ़ती बुजुर्ग आबादी के कारण कुशल कर्मचारियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत ने करीब 28 देशों के साथ श्रमिक गतिशीलता से जुड़े समझौते किए हैं, जहां इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण और तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर हैं। मुख्यमंत्री ने विश्व आर्थिक मंच की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 2030 तक दुनिया में करीब 17 करोड़ नए रोजगार पैदा होने का अनुमान है, जबकि लगभग 9.2 करोड़ रोजगार विस्थापित हो सकते हैं। ऐसे में महाराष्ट्र के युवाओं को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना आवश्यक है। विदेशी रोजगार में भाषा की बाधा दूर करने के लिए केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया भाषिणी, मित्रा और महिमा के बीच समझौता भी किया गया। इसके तहत अनुवाद तकनीक की मदद से युवाओं को विदेशी एवं पेशे से संबंधित भाषाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआती चरण में इसका लाभ आईटीआई और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को मिलेगा फडणवीस ने कौशल विकास, भाषा प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र, जरूरी दस्तावेजों में सहायता और विदेश जाने से पहले मार्गदर्शन की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। विदेश में काम कर लौटने वाले प्रशिक्षित लोगों को महाराष्ट्र के उद्योगों से जोड़ने पर भी सरकार जोर देगी। सम्मेलन में राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल, कौशल एवं रोजगार मंत्री मंगल प्रभात लोढा सहित जर्मनी, जापान, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन के प्रतिनिधि तथा कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय रोजगार से जुड़ी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
