
मुंबई। सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत मुंबई के लोकमान्य टिळक महानगरपालिका वैद्यकीय महाविद्यालय व सर्वोपचार रुग्णालय (सायन अस्पताल) को अत्याधुनिक और पूर्णतः स्वचालित बायोकेमिस्ट्री ब्लड एनालाइज़र उपलब्ध कराया गया है। इस आधुनिक मशीन से मरीजों को तेज और अधिक सटीक जांच सुविधाएं मिलेंगी तथा उपचार प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा सीएसआर के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिया गया योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सायन अस्पताल में स्थापित यह अत्याधुनिक बायोकेमिस्ट्री ब्लड एनालाइज़र जांच प्रक्रिया को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाएगा। इससे चिकित्सकों को मरीजों के उपचार संबंधी निर्णय शीघ्र लेने में सहायता मिलेगी और मरीजों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि सायन अस्पताल मुंबई सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाले हजारों मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में रक्त जांच की जाती है, जिससे प्रयोगशाला पर काफी कार्यभार रहता है। नए उच्च क्षमता वाले पूर्ण स्वचालित ब्लड एनालाइज़र के उपयोग से जांच रिपोर्ट तैयार होने का समय काफी कम हो जाएगा। यह मशीन बड़ी संख्या में नमूनों की तेज गति से जांच करने में सक्षम है और अधिक सटीक तथा विश्वसनीय परिणाम उपलब्ध कराएगी। इससे मरीजों की बीमारी का निदान तेजी से हो सकेगा और उपचार समय पर शुरू किया जा सकेगा। विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में भर्ती मरीजों के लिए यह सुविधा अत्यंत लाभदायक साबित होगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार, स्थानीय स्वशासन संस्थाओं और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की सामाजिक प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उपक्रम समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सहायक सिद्ध होते हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस आधुनिक उपकरण के उपलब्ध होने से प्रयोगशाला की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, मरीजों का प्रतीक्षा समय कम होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।



