HomeMaharashtra23 जून को पूरे महाराष्ट्र में मनाया जाएगा ‘एकल महिला दिवस’

23 जून को पूरे महाराष्ट्र में मनाया जाएगा ‘एकल महिला दिवस’

मुंबई। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 23 जून ‘अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस’ को महाराष्ट्र की सभी महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों में ‘एकल महिला दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर गांवों और शहरों की सभी एकल महिलाओं को सम्मानपूर्वक कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाए तथा उनके सम्मान के लिए ग्राम पंचायतों और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में विशेष प्रस्ताव पारित किए जाएं। यह निर्देश महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने दिए। राज्य सरकार द्वारा एकल महिला नीति तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। इसी संदर्भ में मंत्रालय में आयोजित बैठक में एकल महिलाओं की समस्याओं, अपेक्षाओं और उनके लिए आवश्यक कल्याणकारी उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव अनुपकुमार यादव, आयुक्त माधवी सरदेशमुख सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री आदिती तटकरे ने कहा कि राज्य में ‘विधवा’ शब्द के स्थान पर सम्मानजनक रूप से ‘एकल महिला’ शब्द का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्राम सभाओं और स्थानीय निकायों के माध्यम से ऐसे प्रस्ताव पारित किए जाएं, जिनसे यह सुनिश्चित हो कि एकल महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का अपमानजनक या भेदभावपूर्ण व्यवहार न हो। उन्होंने कहा कि 23 जून को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में एकल महिलाओं से उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं के बारे में जानकारी ली जाए तथा प्रस्तावित राज्य एकल महिला नीति में शामिल किए जाने योग्य बिंदुओं को संकलित कर सरकार को भेजा जाए। मंत्री तटकरे ने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि वह एकल महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए पहल करे तथा सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से उन तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास करे। कार्यक्रम के दौरान महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनके चित्र का पूजन किया जाएगा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उनके योगदान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों पर चर्चा की जाएगी तथा जो महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (बचत समूहों) से नहीं जुड़ी हैं, उन्हें इन समूहों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से एकल महिलाओं तक सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। साथ ही समाज में उनके प्रति सम्मान, समानता और संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।

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