
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जलगांव जामोद में लापता महिला के मामले में पुलिस ने अत्यंत गंभीर लापरवाही बरती है। इस प्रकरण में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह जानकारी विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान सदस्य रोहित पवार द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने बताया कि संबंधित महिला के लापता होने की शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद एक अज्ञात शव मिलने पर पुलिस ने बिना वैज्ञानिक जांच और अंतिम पुष्टि किए जल्दबाजी में यह मान लिया कि शव उसी महिला का है और जांच पूरी होने का दावा कर दिया। इतना ही नहीं, महिला की हत्या के आरोप में उसके माता-पिता को गिरफ्तार भी कर लिया गया। उन्होंने कहा कि बाद में संबंधित महिला जीवित मिली और स्वयं पुलिस थाने पहुंची, जिसके बाद पुलिस को उसके माता-पिता को रिहा करना पड़ा। वहीं, बरामद शव की वास्तविक पहचान और मामले की स्वतंत्र जांच अभी जारी है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली गंभीर रूप से त्रुटिपूर्ण पाई गई है। इसलिए संबंधित अपराध शाखा के सभी पुलिस निरीक्षकों, पुलिस उपनिरीक्षकों तथा इस मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निलंबन केवल प्रारंभिक कार्रवाई है और जांच में जिन अधिकारियों की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी सिद्ध होगी, उनके विरुद्ध विभागीय प्रक्रिया पूरी कर सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक की मदद से राज्यभर के लगभग 1,600 से 1,700 लापता व्यक्तियों के मामलों का विश्लेषण किया गया है। इस प्रक्रिया में सात अज्ञात शवों की पहचान करने में सफलता मिली है। जलगांव जामोद मामले की जांच भी इसी एआई तकनीक की सहायता से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना से अन्याय का सामना करने वाले पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच तीन महीने के भीतर पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।



