
मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलपति जिष्णु देव वर्मा की उपस्थिति में शुक्रवार को लोकभवन में राजस्थान और ओडिशा राज्य स्थापना दिवस सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से मनाया गया। यह आयोजन मुंबई महानगर पालिका की संगीत कला अकादमी के सहयोग से किया गया।इस अवसर पर बीएमसी स्कूलों के विद्यार्थियों ने राजस्थान और ओडिशा की लोकसंस्कृति को दर्शाते हुए मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। छात्रों ने राजस्थान का चरी नृत्य ‘केसरीचा बालमा’ गीत पर प्रस्तुत किया, वहीं ओडिशा का संबलपुरी ढलकाई नृत्य भी लोकगीतों के साथ सादर किया गया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की।यह कार्यक्रम भारत सरकार के एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत आयोजित किया गया था। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और देश विभिन्न संस्कृतियों के एक सुंदर सूत्र में बंधा हुआ है।उन्होंने आगे कहा कि ‘विकसित भारत’ का अर्थ केवल आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना को साकार करना भी है। शासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही विकसित भारत का सपना पूरा हो सकता है।कार्यक्रम के दौरान दोनों राज्यों के इतिहास, संस्कृति, पर्यटन और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े पहलुओं पर आधारित जानकारीपट भी प्रदर्शित किए गए। साथ ही राजस्थान का ‘म्हारो राजस्थान’ और ओडिशा का ‘बंदे उत्कल जननी’ राज्यगीत भी प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर राजेश्री शिरोडकर, डॉ. अविनाश ढाकणे, डॉ. प्रशांत नारनवरे, डॉ. निशिकांत देशपांडे और डॉ. प्राची जांभेकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जबकि अंत में आभार प्रदर्शन किया गया।




