
नागपुर। नागपुर में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने शुक्रवार को लोकभवन में अत्याधुनिक सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना की क्षमता 90 किलोवाट है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 1,15,200 यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन होने की संभावना है।सौर ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि हरित ऊर्जा ही भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की परियोजनाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।राज्यपाल ने विश्वास जताया कि नागपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर में इस तरह की पहल अन्य संस्थानों और नागरिकों को भी नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।इस परियोजना के माध्यम से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही, बिजली बिल में कमी के कारण दीर्घकालीन आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।परियोजना का कार्यान्वयन राज्यपाल के अतिरिक्त परिवार प्रबंधक रमेश येवले के साथ मेडा (महाऊर्जा) के अधिकारियों तथा सार्वजनिक निर्माण (विद्युत) विभाग के अभियंताओं द्वारा किया गया।इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, परिवार प्रबंधक डॉ. निशिकांत देशपांडे, निजी सचिव पवन सिंह, अतिरिक्त परिवार प्रबंधक रमेश येवले तथा विभागीय महाप्रबंधक (महाऊर्जा) सारंग महाजन सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।




