
मुंबई/मीरा-भायंदर। वसई-विरार पुलिस की क्राइम ब्रांच ने देह व्यापार और मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नायगांव क्षेत्र में एक महिला एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला पर स्पा सेंटर में कार्यरत युवतियों को बहला-फुसलाकर देह व्यापार में धकेलने का आरोप है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो पीड़ित युवतियों को भी मुक्त कराया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि मुंबई-अहमदाबाद हाईवे स्थित काठियावाड़ी ढाबा परिसर के पास एक महिला एजेंट ग्राहकों को युवतियां उपलब्ध कराने वाली है। सूचना के आधार पर महिला अत्याचार प्रतिबंधक एवं विशेष बाल संरक्षण इकाई की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शीतल मुंढे के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। पुलिस ने एक बोगस ग्राहक भेजकर सौदे की पुष्टि कराई। जैसे ही लेन-देन की प्रक्रिया पूरी हुई, पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर महिला एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान दो युवतियों को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला मुंबई, ठाणे तथा आसपास के क्षेत्रों में संचालित विभिन्न स्पा सेंटरों में काम करने वाली युवतियों को अपने जाल में फंसाती थी और उन्हें ग्राहकों के पास भेजने का काम करती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(3) तथा अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम (PITA) की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया है। रेस्क्यू की गई युवतियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित महिला संरक्षण गृह भेजा जा रहा है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त संदीप डोईफोडे और सहायक पुलिस आयुक्त मदन बल्लाल के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मानव तस्करी और देह व्यापार जैसे अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



