मीरा-भाईंदर में गणेशोत्सव की तैयारियां तेज, 19 कृत्रिम विसर्जन स्थलों की होगी व्यवस्था

मनपा-पुलिस की संयुक्त समन्वय बैठक, 10 सितंबर तक सड़कों के गड्ढे भरने का लक्ष्य; बिना अनुमति नहीं लगेंगे मंडप

इंद्र यादव/मुंबई। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका और मीरा-भाईंदर वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय ने सार्वजनिक गणेशोत्सव 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल तरीके से संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। एक सितंबर को आयोजित संयुक्त समीक्षा एवं समन्वय बैठक में गणेश मंडलों से पर्यावरण अनुकूल, कचरामुक्त और प्रदूषणमुक्त गणेशोत्सव मनाने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। बैठक में महापौर डिंपल विनोद मेहता, मनपा आयुक्त राधाबिनोद ए.शर्मा, मीरा-भाईंदर वसई-विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, पुलिस उपायुक्त राहुल चव्हाण और अतिरिक्त आयुक्त डॉ. संभाजी पानपट्टे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस वर्ष 14 से 25 सितंबर तक गणेशोत्सव मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव घोषित किया है, वहीं मीरा-भाईंदर महानगरपालिका भी अपना रजत जयंती वर्ष मना रही है। इसे देखते हुए सार्वजनिक गणेश मंडलों के माध्यम से मनपा के रजत जयंती वर्ष की जानकारी और जनजागरूकता भी की जाएगी। मनपा के अनुसार वर्ष 2025 में शहर में कुल 19,167 गणेश प्रतिमाओं और गौरी का विसर्जन किया गया था। इनमें 2,984 शाडू मिट्टी की तथा 15,151 प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की प्रतिमाएं शामिल थीं। छह फीट से अधिक ऊंचाई वाली 268 गणेश प्रतिमाओं का भी विसर्जन हुआ था। इस बार पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण रोकने के लिए शहर के 14 स्थानों पर तालाबों में अलग विसर्जन कक्ष बनाकर उन्हें कृत्रिम विसर्जन स्थल घोषित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पांच स्थानों पर भूमिगत कृत्रिम विसर्जन तालाब बनाए जाएंगे। छह फीट तक की POP और शाडू मिट्टी की प्रतिमाओं का विसर्जन इन कृत्रिम तालाबों में किया जा सकेगा। प्रशासन ने नागरिकों से शाडू मिट्टी और पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाओं को प्राथमिकता देने की अपील की है। विसर्जन स्थलों पर हाइड्रा मशीन, नाव, मंडप, जनरेटर, बैरिकेडिंग, विद्युत रोशनी, निर्माल्य कलश और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता के लिए संबंधित विभागों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक गणेश मंडलों को बिना अनुमति मंडप नहीं लगाने की सख्त हिदायत दी गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार तहसीलदार की अध्यक्षता वाली समिति मंडप स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगी। मंडप लगाने से कम से कम सात दिन पहले स्थल की जांच की जाएगी। मंडप की अनुमति मनपा की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेगी, जबकि अन्य आवश्यक अनुमतियों के लिए ‘एक खिड़की योजना’ लागू की जाएगी। गणेश मंडप के प्रवेश द्वार पर आवश्यकता के अनुसार बैनर लगाने की अनुमति होगी, लेकिन मंडप के बाहर अनधिकृत होर्डिंग और बैनर नहीं लगाए जा सकेंगे। सड़कों पर कमान लगाने की अनुमति भी नहीं होगी। एम्बुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए रास्ते हर समय खुले रखने होंगे। विद्युत सुरक्षा को लेकर भी गणेश मंडलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मनपा के बिजली खंभों से सीधे बिजली कनेक्शन न लें। अधिकृत बिजली वितरण कंपनी से अस्थायी मीटर और कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। पेड़ों और बिजली के खंभों पर विद्युत सजावट करने से भी मना किया गया है। गणेशोत्सव के मद्देनजर शहर की सड़कों के गड्ढे भरने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया है। मनपा ने 10 सितंबर 2026 से पहले सभी सड़कों के गड्ढे भरने का लक्ष्य निर्धारित किया है। गणेश आगमन और विसर्जन मार्गों का विशेष निरीक्षण कर सड़क मरम्मत, साफ-सफाई और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। विसर्जन के दौरान भीड़, यातायात जाम और कचरे की समस्या रोकने के लिए कुछ निर्धारित विसर्जन मार्गों पर खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं गणेश मंडलों से प्लास्टिक, थर्माकोल और सिंगल यूज सामग्री के बजाय कपड़ा, कागज, लकड़ी, फूल-पत्तियों और पुन: उपयोग योग्य सामग्री से सजावट करने की अपील की गई है। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मनपा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के लिए विशेष प्रतियोगिता भी आयोजित करेगी। इसमें पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमा, शाडू मिट्टी का उपयोग, प्राकृतिक सजावट, पुन: उपयोग योग्य सामग्री तथा सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली झांकियों के आधार पर उत्कृष्ट मंडलों का चयन किया जाएगा। मनपा और पुलिस प्रशासन ने कहा कि गणेशोत्सव श्रद्धा और सामाजिक एकता का पर्व है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वच्छता, यातायात अनुशासन, ध्वनि एवं जल प्रदूषण नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उत्सव मनाया जाए। प्रशासन ने सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों और नागरिकों से व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments