
मुंबई। पालकमंत्री नीलेश राणे ने आगामी मानसून, संभावित अतिवृष्टि, चक्रवात और ‘एल निनो’ की आशंका को देखते हुए सिंधुदुर्ग जिला प्रशासन को अधिक सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की प्रभावी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वे सिंधुदुर्गनगरी में आयोजित जिला स्तरीय मानसून पूर्व तैयारी समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। बैठक में जिलाधिकारी तृप्ति धोडमिसे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्र खेबुडकर, जिला बैंक अध्यक्ष मनीष दलवी, निवासी उपजिल्हाधिकारी मच्छिंद्र सुकटे, जिला आपत्ति व्यवस्थापन अधिकारी राजश्री सामंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा मानसून पूर्व तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। पालकमंत्री राणे ने कहा कि जिले में अतिवृष्टि, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। घाट क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं अधिक होने के कारण वहां विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि घाट मार्गों पर सुरक्षा जाल लगाए जाएं तथा बारिश के दौरान खतरा बनने वाले पेड़ों को पहले ही हटाया जाए। पूरग्रस्त गांवों में विशेष निगरानी रखने पर जोर देते हुए उन्होंने बचाव कार्य को तेज और प्रभावी बनाने के लिए नावों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा की स्थिति में प्रशासन की तैयारियों की वास्तविक जांच के लिए मॉक ड्रिल आयोजित करने को कहा गया। आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोगी हेल्पलाइन और संपर्क नंबर नागरिकों तक व्यापक रूप से पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। आरोग्य विभाग को बारिश के मौसम में संभावित संक्रामक बीमारियों को देखते हुए पूरी तैयारी रखने को कहा गया। आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडार, मेडिकल टीमें और स्वास्थ्य सुविधाएं हर समय तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को निर्देशित किया गया कि तेज बारिश और तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाएं, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पालकमंत्री राणे ने कहा कि आंबोली सहित जिले के पर्यटन स्थलों पर मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटकों के लिए विशेष जनजागरण अभियान चलाया जाए तथा खतरनाक स्थानों पर जाने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और पर्यटन विभाग समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने जिले की नदियों से गाद निकालने के कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए, ताकि बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके। बैठक के अंत में उन्होंने सभी विभागों से मानसून अवधि में किसी भी प्रकार की जनहानि या आर्थिक नुकसान रोकने के लिए जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।




