
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों से लेकर नगर के सरकारी राशन वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आ रहा है। यहाँ कोटेदारों द्वारा खुलेआम घटतौली की जा रही है, जिससे गरीब और असहाय उपभोक्ता बेहद कम राशन लेने पर मजबूर हैं। इस मनमानी के खिलाफ राशन कार्ड धारकों में भारी आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने जिला प्रशासन से संबंधित कोटेदारों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीण और नगरीय राशन कार्ड धारकों का आरोप है कि कोटेदार द्वारा प्रति यूनिट मिलने वाले राशन में सीधे तौर पर कटौती की जा रही है। ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद जब राशन तौलने की बारी आती है, तो निर्धारित मात्रा से कम अनाज दिया जाता है। प्रति कार्ड धारक को लगभग 2 से 3 किलोग्राम कम राशन दिया जा रहा है। यदि कोई उपभोक्ता इस घटतौली का विरोध करता है, तो कोटेदार द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है और अगली बार से राशन न देने की धमकी दी जाती है। शिकायत करने पर कार्ड निरस्त कराने का डर भी दिखाया जाता है, जिसके कारण अत्यंत गरीब परिवार चुपचाप कम राशन लेने को विवश हैं। कोटेदारों की इस तानाशाही और घटतौली की वजह से ग्रामीण व नगर क्षेत्र के राशन उपभोक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार द्वारा गरीबों को राहत पहुंचाने के लिए मुफ्त या सस्ते राशन की योजना चलाई जा रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोटेदार अपनी जेबें भरने के लिए गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “हम गरीब मजदूर लोग हैं। महंगाई के इस दौर में सरकारी राशन ही हमारे परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र सहारा है। लेकिन कोटेदार की इस धांधली के कारण हमारे बच्चों के मुंह का निवाला छीना जा रहा है। अधिकारियों को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ और दोषी कोटेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।



