स्टेमी महाराष्ट्र’ से 50 लाख से अधिक ECG जांच, 34 हजार से ज्यादा गंभीर हार्ट अटैक मरीजों की पहचान

34 जिलों में 2,415 स्पोक स्वास्थ्य केंद्र और 99 हब अस्पताल जुड़े; AI तकनीक से 10 मिनट में ECG विश्लेषण, ग्रामीण मरीजों को भी समय पर इलाज से जोड़ने की पहल
मुंबई। हार्ट अटैक के बाद का हर सेकंड मरीज के लिए महत्वपूर्ण होता है। ‘गोल्डन अवर’ में सही जांच और उपचार मिलने से मरीज की जान बचाने में मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘स्टेमी महाराष्ट्र’ प्रोजेक्ट का विस्तार राज्य के 34 जिलों तक किया गया है। परियोजना के तहत अब तक 50 लाख से अधिक ECG जांच की जा चुकी हैं, जिनमें 34 हजार से अधिक STEMI मरीजों और 1 लाख 45 हजार से अधिक अन्य गंभीर हृदय रोगियों की पहचान की गई है। ‘स्टेमी महाराष्ट्र’ के तहत राज्य में 2,415 स्पोक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत हैं। इनमें जिला अस्पताल, उपजिला अस्पताल, ग्रामीण एवं सामान्य अस्पताल, महिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा कैथलैब सुविधा वाले 99 हब अस्पतालों को नेटवर्क से जोड़ा गया है। इनमें निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और धर्मार्थ अस्पताल शामिल हैं। स्पोक केंद्र पर हृदय रोग के लक्षण वाले मरीज का सबसे पहले ECG किया जाता है और रिपोर्ट क्लाउड पर अपलोड होती है। इसके बाद उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से करीब 10 मिनट में ECG का विश्लेषण कर रिपोर्ट संबंधित अस्पताल को भेजी जाती है। यदि मरीज में STEMI की पहचान होती है और स्पोक अस्पताल में सुविधा उपलब्ध है तो तत्काल थ्रोम्बोलाइसिस उपचार दिया जाता है। इसके बाद जरूरत पड़ने पर मरीज को 108 एंबुलेंस के माध्यम से संबंधित हब अस्पताल भेजा जाता है।
12 जिलों से शुरू हुआ प्रोजेक्ट अब 34 जिलों तक
शुरुआत में ‘स्टेमी महाराष्ट्र’ परियोजना राज्य के 12 जिलों में लागू की गई थी। चरणबद्ध विस्तार के बाद अब 34 जिलों के 2,415 स्वास्थ्य केंद्र इससे जुड़ चुके हैं। हब अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार के साथ एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और बायपास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पात्र मरीजों को महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत संबंधित उपचार का लाभ मिलता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों को भी समय रहते उच्चस्तरीय हृदय उपचार केंद्र से जोड़ना है।
सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी को न करें नजरअंदाज
हृदय रोग की आशंका वाले मरीज का तुरंत ECG करना इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, अचानक पसीना आना, चक्कर, मितली अथवा जबड़े, गर्दन, कंधे या हाथ तक फैलने वाला दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, तंबाकू सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, असंतुलित आहार, आनुवंशिक कारण और मानसिक तनाव हृदय रोग का जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ संदिग्ध लक्षण दिखाई देते ही ECG कराने पर जोर दिया गया है।
क्या है STEMI?
STEMI यानी ST Elevation Myocardial Infarction हार्ट अटैक का एक गंभीर प्रकार है। इसमें हृदय के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति अचानक बाधित हो जाती है। पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचने लगता है। ऐसे मामलों में जितनी जल्दी उपचार शुरू होता है, मरीज के लिए उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इस परियोजना के लिए बेंगलुरु स्थित ट्रायकॉग हेल्थ के साथ समझौता किया गया है। आधुनिक ECG उपकरण, क्लाउड आधारित व्यवस्था, AI और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सहायता से रिपोर्ट का तेजी से विश्लेषण किया जाता है।
‘हृदय का हर धड़कन महत्वपूर्ण’
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने ‘हृदय का प्रत्येक धड़कन महत्वपूर्ण है’ संदेश के साथ नागरिकों से हृदय स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि ग्रामीण नागरिकों को भी समय पर ECG, सटीक निदान और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परियोजना का राज्यभर विस्तार किया गया है। 50 लाख से अधिक ECG जांच इस अभियान की व्यापक पहुंच को दर्शाती हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने कहा कि विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों, वरिष्ठ नागरिकों और हृदय रोग के जोखिम वाले व्यक्तियों को नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ हृदय के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार से कई गंभीर परिस्थितियों को टाला जा सकता है।
