बोईसर में सुबह-सुबह मजदूर की हत्या, शिवम अपार्टमेंट के पास वारदात से इलाके में दहशत
साईलीला हॉस्पिटल के सामने दुकान के बाहर 40 वर्षीय विजय बेंद्रे की हत्या, CCTV फुटेज खंगाल रही बोईसर पुलिस, हमलावरों की तलाश जारी

इंद्र यादव/पालघर। पालघर जिले के बोईसर में सोमवार सुबह हुई हत्या की वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी। ओसवाल एम्पायर के शिवम अपार्टमेंट इलाके में करीब सुबह 5 बजे 40 वर्षीय मजदूर विजय बेंद्रे की हत्या कर दी गई। वारदात साईलीला हॉस्पिटल के सामने स्थित एक दुकान के बाहर हुई। सुबह होते-होते एक परिवार ने अपना सहारा खो दिया और आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही बोईसर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाने के साथ आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। विजय बेंद्रे पर हमला किसने और किस वजह से किया, इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल हत्या के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान का है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात से पहले विजय बेंद्रे के साथ कोई विवाद हुआ था या हमला किसी पुरानी रंजिश अथवा अन्य कारण से किया गया। जांच पूरी होने से पहले हत्या के मकसद को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
बोईसर एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में काम करते हैं। ऐसे में देर रात और तड़के सड़कों पर आने-जाने वाले कामगारों की सुरक्षा विशेष महत्व रखती है। इस वारदात के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी मजबूत करने की मांग उठना स्वाभाविक है। अब बोईसर पुलिस के सामने चुनौती है कि उपलब्ध CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर हमलावरों की जल्द पहचान कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाए। विजय बेंद्रे की हत्या को केवल एक आपराधिक मामला मानकर छोड़ने के बजाय उसके कारणों की तह तक पहुंचना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वारदात के पीछे व्यक्तिगत विवाद था या कोई अन्य आपराधिक कारण। इस हत्या ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आम नागरिक और रात-दिन मेहनत करने वाला मजदूर खुद को कितना सुरक्षित महसूस करे। पुलिस की त्वरित जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी ही इस वारदात से सहमे लोगों के बीच कानून-व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत कर सकती है।
