हाईटेंशन तार की चपेट में आने से इकलौते बेटे की मौत, पीड़ित परिवार से मिले समाजसेवी अमित सिंह प्रिंस

इंद्र यादव
भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र स्थित केदारपुर शुक्लान गांव में दीपावली की खुशियां मातम में बदल गईं। 18 वर्षीय इंटरमीडिएट के छात्र अर्पित शुक्ला की 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। अर्पित अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। घर की रंगाई-पुताई का काम पूरा होने के बाद वह लोहे की सीढ़ी वापस ले जा रहा था, तभी हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटे की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दीपावली के अवसर पर जिस घर में खुशियां होनी थीं, वहां मातम पसरा हुआ है। घटना के बाद सोमवार, 2 नवंबर 2026 को समाजसेवी अमित सिंह प्रिंस पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और आर्थिक सहायता देकर परिवार का दुख बांटा। इस दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह अर्पित को वापस नहीं ला सकते, लेकिन परिवार उन्हें अपना बेटा मान ले। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह बेटे का पूरा फर्ज निभाएंगे और परिवार की बेटी की शादी में भी जरूरत के अनुसार सहयोग करेंगे। उनके इस आश्वासन से परिवार को कुछ राहत मिली, हालांकि बेटे को खोने का दर्द बरकरार है। पत्रकारों द्वारा मदद को राजनीतिक स्टंट बताए जाने के सवाल पर अमित सिंह प्रिंस ने कहा कि पूरा भदोही उनका परिवार है और अपने परिवार की सेवा करना उनका सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि वह केवल नेता बनने की नहीं, बल्कि भदोही के बेटे और भाई के रूप में लोगों के बीच रहने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद परिवारों की मदद करने की अपील की। अर्पित की मौत ने एक बार फिर खुले हाईटेंशन तारों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक होनहार युवा की जिंदगी हादसे में समाप्त हो गई और परिवार अपने इकलौते बेटे को खोकर गहरे सदमे में है। ऐसे में पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की पहल ने जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की जिम्मेदारी तथा संवेदनशीलता को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
