महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों में होंगे एक दिवसीय छात्र मराठी साहित्य सम्मेलन
100वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन की तैयारी तेज; पुणे में 28 से 31 जनवरी 2027 तक होगा मुख्य आयोजन, 3 अक्टूबर से शुरू होगा ‘अभिजात मराठी, अभिमान मराठी’ अभियान

मुंबई। पुणे में होने वाले 100वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन की तैयारियां तेज हो गई हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत (दादा) पाटील की अध्यक्षता में राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में पाटील ने राज्य के सार्वजनिक, स्व-वित्तपोषित और डीम्ड विश्वविद्यालयों में एक दिवसीय ‘विद्यार्थी मराठी साहित्य सम्मेलन’ आयोजित करने के निर्देश दिए। 100वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन पुणे में 28 से 31 जनवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन की पृष्ठभूमि में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्र साहित्य सम्मेलनों के आयोजन की योजना तैयार की जा रही है। मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर विद्यार्थी मराठी साहित्य सम्मेलन आयोजित करने से युवाओं को मराठी साहित्य और भाषा से जोड़ने में मदद मिलेगी। इसके जरिए विद्यार्थियों में मराठी साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ भाषा के प्रचार-प्रसार को भी गति मिलेगी। बैठक में मराठी भाषा मंत्री डॉ. उदय सामंत ने बताया कि मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने की पृष्ठभूमि में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में 3 से 13 अक्टूबर तक ‘अभिजात मराठी, अभिमान मराठी’ अभियान आयोजित किया जाएगा। इस विशेष अभियान की शुरुआत 3 अक्टूबर को मुंबई विश्वविद्यालय से होगी। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और नई पीढ़ी को मराठी भाषा की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने पर जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालयों में होने वाले कार्यक्रमों के जरिए मराठी भाषा के प्रति जागरूकता और गौरव की भावना बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। ऑनलाइन बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. शैलेंद्र देवळाणकर, महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा मंडल के निदेशक एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. प्रमोद नाईक सहित संबंधित अधिकारी और राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित रहे।
