बाढ़ पीड़ितों की राहत किट ‘गायब’, ग्रामीणों ने लेखपाल पर लगाए गंभीर आरोप
चौगवां ग्रामसभा में 700 राहत किट भेजे जाने का दावा, करीब दो दर्जन पीड़ित रह गए वंचित, एसडीएम से जांच और राहत सामग्री दिलाने की मांग

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। क्षेत्र के ग्राम चौगवां के मजरा कटरी अकबरपुर सेंग के कुछ बाढ़ पीड़ितों ने राहत राशन किट के वितरण को लेकर क्षेत्रीय लेखपाल पर लापरवाही बरतने और बची हुई किट के गायब होने का आरोप लगाया है। पीड़ित ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी बृजमोहन शुक्ला को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने और राहत सामग्री से वंचित परिवारों को किट उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्रामसभा के बाढ़ प्रभावित परिवारों में वितरण के लिए कुल 700 राहत राशन किट भेजी गई थीं। इनमें से अधिकांश किट का वितरण कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद करीब दो दर्जन बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट नहीं मिल सकी। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वितरण के बाद 11 राहत किट बची थीं। वंचित ग्रामीणों ने जब क्षेत्रीय लेखपाल से किट की मांग की तो उन्हें बाद में वितरण करने की बात कही गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बची हुई राहत सामग्री को उच्च प्राथमिक विद्यालय लोकई पुरवा में रखवा दिया गया था। शिकायती पत्र के अनुसार, जिस कमरे में राहत सामग्री रखी गई थी, उसमें ताला लगाकर उसकी चाबी कथित रूप से लेखपाल अपने साथ ले गए थे, जबकि विद्यालय के मुख्य गेट की चाबी रसोइया के पास थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में विद्यालय में रखी राहत सामग्री गायब मिली। हालांकि राहत किट कहां और किन परिस्थितियों में गईं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। बाढ़ पीड़ितों ने एसडीएम से मांग की है कि राहत सामग्री के वितरण का रिकॉर्ड और शेष किट के संबंध में जांच कराई जाए। साथ ही जिन पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों को अब तक किट नहीं मिली है, उन्हें जल्द राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। शिकायती पत्र पर छोटू उर्फ सत्य प्रकाश, राजरानी, नन्हे और सुनीता सहित कई बाढ़ पीड़ितों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित लेखपाल अथवा प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है।
