
नासिक। नासिक की एक अदालत ने खुद को ज्योतिषी और बाबा बताने वाले अशोक खरात को उनके खिलाफ दर्ज सातवें यौन शोषण मामले में 12 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला अब एक बड़े आपराधिक जाल की ओर इशारा कर रहा है, जिसमें यौन शोषण के साथ-साथ आर्थिक धोखाधड़ी के गंभीर आरोप भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, खरात कथित तौर पर महिलाओं को अपनी “अलौकिक शक्तियों” और “काला जादू” के झांसे में फंसाकर उनका शोषण करता था। आरोप है कि वह आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर लोगों से मोटी रकम भी ऐंठता था। ताज़ा मामला एक विवाहित महिला की शिकायत पर दर्ज हुआ, जिसने बताया कि वह घरेलू समस्याओं के समाधान के लिए खरात के पास गई थी। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने अपने दफ्तर में उसे एक पेय पदार्थ दिया, जिसके बाद उसके साथ यौन दुर्व्यवहार किया गया, जबकि उसका पति बाहर इंतजार कर रहा था। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बारे में किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इससे पहले अदालत ने पूछताछ के लिए खरात को विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत में भेजा था। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सुरक्षा कारणों से उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की मांग पर अदालत ने उसे 12 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले ने उस समय राजनीतिक रंग भी ले लिया जब गिरफ्तारी के बाद कई नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ खरात की तस्वीरें सामने आईं। विशेष जांच दल फिलहाल नासिक और अहिल्यानगर में दर्ज करीब 12 मामलों की जांच कर रही है, जिनमें यौन शोषण और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं। इस बीच, रोहित पवार ने दावा किया है कि खरात के तार एक कथित विमान हादसे और राजनीतिक संपर्कों से भी जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने सीआईडी से पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। यह मामला न केवल आस्था के नाम पर हो रहे अपराधों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह प्रभाव और डर का इस्तेमाल कर पीड़ितों को चुप कराया जाता है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




