
मुंबई। अंधेरी पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 79/2022 में पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी आकाश संजय पानपाटील (27) को दिंडोशी सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच पूरी करने के बाद पुलिस निरीक्षक अजय कुलकर्णी ने आरोपी के खिलाफ निर्धारित समयावधि में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई 7 अगस्त 2026 को दिंडोशी स्थित सत्र न्यायालय के कोर्ट नंबर 12 में सत्र न्यायाधीश एस. एन. सचदेव के समक्ष हुई। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा भादंवि की धारा 506(2) के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माने, तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
मामले में सरकारी अभियोजक के रूप में उषा जाधव ने की पैरवी
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त (पश्चिम प्रादेशिक विभाग) अभिनव देशमुख, पुलिस उपायुक्त पश्चिम परिमंडल-3 दत्ता नलावडे तथा सहायक पुलिस आयुक्त अंधेरी विभाग योगेश शिंदे के मार्गदर्शन में की गई। अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर तथा पुलिस निरीक्षक (अपराध) अतुल निकम की प्रत्यक्ष निगरानी में कोर्ट कारकुन साजिद काझी, नसरीन शेख, पुलिस हवलदार संजय चव्हाण, सागर भोसले तथा पुलिस सिपाही निलेश पाटील ने मामले की पैरवी एवं न्यायालयीन कार्यवाही में सहयोग किया।

